एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव के हस्तक्षेप पर माने जगन्नाथपुर के आंदोलनकारी, बंद और मशाल जुलूस स्थगित

Updated at : 30 Jan 2026 4:01 PM (IST)
विज्ञापन
East Singhbhum News

आंदोलनकारियों से बात करते एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव.

East Singhbhum News: पूर्वी सिंहभूम के जगन्नाथपुर में जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनने के विरोध में प्रस्तावित बंद और मशाल जुलूस को एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव के हस्तक्षेप के बाद स्थगित कर दिया गया. बैठक में प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच सहमति बनी, जिसके बाद समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

East Singhbhum News: पूर्वी सिंहभूम के जगन्नाथपुर में संभावित आंदोलन की आंच उस वक्त ठंडी पड़ गई, जब झारखंड आंदोलनकारी युवा मोर्चा की मांगों को लेकर अनुमंडल कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक हुई. गुरुवार को अनुमंडल पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्यम कुमार के विरोध में प्रस्तावित बंद और मशाल जुलूस को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया गया. यह बंदी जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनने के विरोध में की जा रही थी.

एसडीओ की बैठक में पूर्व विधायक भी मौजूद

बैठक में झारखंड आंदोलनकारी युवा मोर्चा के सदस्य और पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा उन लोगों के साथ पहुंचे, जिनके जन्म प्रमाण पत्र महीनों से नहीं बन पाए थे. इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव ने तुरंत प्रखंड विकास पदाधिकारी को तलब किया और देरी की वजहों पर जवाब मांगा.

बनाए जा चुके हैं 5200 जन्म प्रमाण पत्र

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि अब तक करीब 5200 जन्म प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों का जिक्र किया गया, उनके आवेदन कार्यालय तक नहीं पहुंचे थे. ग्रामीणों ने बताया कि उनके आवेदन पिछले तीन महीनों से पंचायत सेवक के पास पड़े हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत सेवक से स्पष्टीकरण भी मांगा गया.

एसडीओ ने दिया आश्वासन

पूरे घटनाक्रम को सुनने और परिस्थितियों को अच्छी तरह समझने के बाद एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि समस्याओं का शीघ्र और पारदर्शी समाधान किया जाएगा. प्रशासनिक समझ और आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने जगन्नाथपुर बंद और मशाल जुलूस स्थगित करने का फैसला किया.

इसे भी पढ़ें: रांची में इंसानियत शर्मसार, 10 साल की बच्ची को रात के अंधेरे में छोड़ भाग गए मां-बाप

क्या कहते हैं पूर्व विधायक

पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने कहा कि प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बनी आपसी सहमति ने टकराव की जगह संवाद को महत्व दिया. उन्होंने कहा कि आम जनता की परेशानियों को दूर करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया गया.

इसे भी पढ़ें: National Road Safety Month 2026: सरायकेला में ‘रन फॉर रोड सेफ्टी’ कार्यक्रम का आयोजन, डीसी-एसपी ने दिखाई हरी झंडी

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola