ePaper

रांची में इंसानियत शर्मसार, 10 साल की बच्ची को रात के अंधेरे में छोड़ भाग गए मां-बाप

Updated at : 30 Jan 2026 11:14 AM (IST)
विज्ञापन
Ranchi News

डालसा के पदाधिकारियों के बीच 10 साल की छोटी बच्ची.

Ranchi News: बरसों से हम सुनते आ रहे हैं, 'पूत कपूत हो सकता है, पर माता कुमाता नहीं हो सकती.' लेकिन, झारखंड की राजधानी रांची में बुधवार 28 जनवरी की देर रात माता कुमाता भी हुई और बाप शैतान. रात के अंधेरे में 10 साल की अपनी बच्ची को रिनपास के सामने छोड़कर दोनों फरार हो गए. नीचे पूरी खबर पढ़ें.

विज्ञापन

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. देर रात माता-पिता ने अपनी ही 10 साल की मासूम बच्ची को मानसिक स्वास्थ्य संस्थान रिनपास के बाहर छोड़ दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए. यह घटना न सिर्फ समाज को झकझोरने वाली है, बल्कि कई सवाल भी खड़े करती है.

रात 11 बजे रिनपास के बाहर छोड़ी गई बच्ची

जानकारी के अनुसार, यह घटना रात करीब 11 बजे की है, जब बच्ची के माता-पिता उसे रिनपास अस्पताल के मुख्य परिसर के पास छोड़कर चले गए. बच्ची काफी डरी-सहमी हालत में मिली. आसपास मौजूद लोगों को जब इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई.

डालसा ने तेजी से की कार्रवाई, बच्ची को मिला संरक्षण

मामले की सूचना मिलते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) ने तेजी से पहल की. झालसा के निर्देश पर डालसा सचिव राकेश रौशन ने 29 जनवरी को खुद इस मामले में हस्तक्षेप किया. पीएलवी भारती शाहदेव ने फोन पर डालसा सचिव को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई शुरू की गई.

पीएलवी को सौंपी गई देखरेख, धर्मशाला में सुरक्षित रखा

डालसा सचिव ने पीएलवी भारती शाहदेव और दीपक मुंडा को बच्ची की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी. बच्ची को तत्काल एक धर्मशाला में सुरक्षित रखा गया, ताकि उसे किसी तरह की परेशानी न हो. चाइल्ड हेल्पलाइन, डीसीपीओ और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को भी पूरे मामले की सूचना दी गई.

सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश, सुरक्षित शेल्टर का आदेश

सिविल कोर्ट की एंबुलेंस और चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के सहयोग से बच्ची को सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया. सीडब्ल्यूसी ने बच्ची की स्थिति को देखते हुए उसे सुरक्षित शेल्टर होम में रखने का निर्देश दिया. फिलहाल बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी देखभाल की जा रही है.

सीसीटीवी फुटेज से होगी माता-पिता की पहचान

डालसा सचिव राकेश रौशन ने रिनपास के निदेशक से सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि बच्ची को छोड़ने वाले माता-पिता की पहचान की जा सके. वहीं पूरे मामले की जानकारी कांके थाना प्रभारी को भी दी गई है, जिससे आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.

इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर में कैरव गांधी के किडनैपर और पुलिस के बीच मुठभेड़, तीन बदमाशों को लगी गोली

आम लोगों से अपील, 15100 पर दें सूचना

डालसा सचिव ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी कोई लावारिश, असहाय या संकटग्रस्त बच्चा नजर आए, तो तुरंत नालसा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 15100 पर सूचना दें या सीधे डालसा कार्यालय से संपर्क करें. समय पर दी गई सूचना किसी मासूम की जिंदगी बचा सकती है.

इसे भी पढ़ें: रांची के अंश-अंशिका के परिजन अब भी सरकारी मदद के इंतजार में, सीएम हेमंत का निर्देश भी बेअसर

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola