National Road Safety Month 2026: सरायकेला में ‘रन फॉर रोड सेफ्टी’ कार्यक्रम का आयोजन, डीसी-एसपी ने दिखाई हरी झंडी

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रन फॉर रोड सेफ्टी को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते सरायकेला-खरसावां के डीसी नितिश कुमार सिंह और एसपी. फोटो: प्रभात खबर

National Road Safety Month 2026: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के समापन पर सरायकेला में ‘रन फॉर रोड सेफ्टी’ कार्यक्रम आयोजित किया गया. उपायुक्त नितिश कुमार सिंह और एसपी ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया. अधिकारियों, छात्रों और नागरिकों ने यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता का संदेश दिया. नीचे पूरी खबर पढ़ें.

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सरायकेला से प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट

National Road Safety Month 2026: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के समापन अवसर पर झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर एक व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कड़ी में ‘रन फॉर रोड सेफ्टी’ कार्यक्रम का आयोजन इंडोर स्टेडियम, सरायकेला से बिरसा मुंडा स्टेडियम, सरायकेला तक किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था.

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डीसी-एसपी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

रन फॉर रोड सेफ्टी को सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त (डीसी) नितिश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे. प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ दौड़ में भाग लिया और सड़क सुरक्षा का संदेश दिया.

जनभागीदारी से मजबूत हुआ जागरूकता अभियान

‘रन फॉर रोड सेफ्टी’ कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली. स्कूली बच्चों, युवाओं और प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है. कार्यक्रम के दौरान “सड़क सुरक्षा-जीवन सुरक्षा” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति संवेदनशील बनाया गया.

सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी: उपायुक्त

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक के जीवन से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील विषय है. सुरक्षित आवागमन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएँ आज एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुकी हैं, जिनसे अनगिनत परिवार प्रभावित हो रहे हैं.

जागरूकता और अनुशासन से घट सकती हैं दुर्घटनाएँ

उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जागरूकता के साथ-साथ यातायात नियमों का अनुशासित पालन बेहद जरूरी है. उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे गति सीमा का पालन करें, संकेतकों का सम्मान करें और वाहन चलाते समय पूरी सावधानी बरतें. साथ ही उन्होंने आम लोगों से भी आग्रह किया कि वे अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें.

हेलमेट, सीट बेल्ट और नियमों का पालन जरूरी: एसपी

पुलिस अधीक्षक, सरायकेला–खरसावां ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नागरिकों का जिम्मेदार और अनुशासित व्यवहार अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग की अपील की. इसके साथ ही उन्होंने निर्धारित गति सीमा का पालन करने और नशे की अवस्था में वाहन न चलाने पर विशेष जोर दिया.

वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करना जानलेवा साबित हो सकता है. उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार जांच और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इन अभियानों की सफलता जन-सहयोग पर निर्भर करती है. उन्होंने नागरिकों से पुलिस प्रशासन के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की.

सड़क सुरक्षा की दिलाई गई शपथ

इस अवसर पर मोटरयान निरीक्षक (एमवीआई) दिलीप प्रसाद की ओर से उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं और नागरिकों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई. सभी प्रतिभागियों ने सुरक्षित वाहन संचालन और नियमों के पालन का संकल्प लिया.

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सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित भविष्य का आधार

कार्यक्रम के माध्यम से जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि सुरक्षित सड़कें ही सुरक्षित जीवन और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के समापन पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक औपचारिक आयोजन था, बल्कि समाज में जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ.

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