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झारखंड विधानसभा में उठा खरसावां को एनएच-33 से जोड़ने का मुद्दा, विधायक दशरथ गागराई ने की मांग

Updated at : 19 Feb 2026 3:29 PM (IST)
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Kharsawan News

खरसावां की जर्जर सड़क (बाएं) और विधायक दशरथ गागराई. फोटो: प्रभात खबर

Kharsawan News: झारखंड विधानसभा में खरसावां-रडगांव सड़क की जर्जर हालत का मुद्दा उठा. विधायक दशरथ गागराई ने एनएच-33 से जुड़ी इस सड़क की राइडिंग क्वालिटी सुधारने की मांग की. खराब सड़क के कारण दुर्घटनाएं बढ़ी हैं और लोगों को रांची जाने में 50 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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शचींद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

Kharsawan News: खरसावां के विधायक दशरथ गागराई ने राज्य सरकार से खरसावां-रडगांव सड़क की राइडिंग क्वालिटी में सुधार की मांग की है. विधायक दशरथ गागराई ने गुरुवार को विधान सभा में बजट सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को सदन में शून्यकाल के दौरान इस मामल को उठाया. गागराई ने कहा कि खरसावां को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-33 से जोड़ने वाली खरसावां-रडगांव सड़क पूरी तरह से जर्जर हो गयी है. सड़क की पिच पूरी तरह से उखड़ गयी है. जगह-जगह गड्ढे बन गये हैं. लोगों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि “सदन के माध्यम से सरकार से यह मांग रखता हूं कि खरसावां-रड़गांव सड़क में राइडिंग क्वालिटी में सुधार कार्य को स्वीकृति प्रदान की जाए.”

सड़क जर्जर होने के कारण अक्सर हो रही है दुर्घटना

खरसावां-रडगांव सड़क सड़क जर्जर होने के कारण अक्सर दुर्घटना हो रही है. सड़क पर बिखरी गिट्टी से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं. ब्रेक लगाते ही बाइक व स्कूटी स्किड कर रही है. सड़क जर्जर होने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. रायजामा घाटी के पास बना गड्ढा में अक्सर वाहन फंस रहे है. खरसावां के लोग रांची, बुंडू, तमाड़ आदि जगहों पर जाने के लिए इस सड़क का उपयोग करते हैं. यह सड़क करीब 30 किमी लंबी है.

दस साल में पूरा हुआ था सड़क निर्माण

उक्त सड़क का निर्माण कार्य करीब दो वर्ष पूर्व हुआ था. पूर्व में यह आरइओ सड़क थी. वर्ष 2012-13 में पीडब्ल्यूडी में तब्दील कर 54 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ीकरण सह जीर्णोद्धार कार्य को मंजूरी दी गयी है. सड़क का निर्माण वर्ष 2014 में शुरू हुई, इसे पूरा करने में करीब आठ साल का समय लगा. वर्ष 2023-24 में सड़क का निर्माण पूर्ण हुआ. गुणवत्ता की कमी व ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क चार वर्ष भी नहीं टिकी.

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उड़ती धूल से परेशानी, 50 किमी घूमकर रांची जा रहे लोग

सड़क जर्जर होने से धूल उड़ रही है. सड़क किनारे बसे गांवों के लोग परेशान हैं. वाहन चलने पर धूल उड़ती है. लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है. लोगों ने जल्द सड़क की राइडिंग क्वालिटी में सुधार की मांग की है. सड़क जर्जर होने के कारण लोग रास्ता बदल कर सरायकेला, कांड्रा, चौका होते हुए आवागमन कर रहे हैं. लोगों को रांची जाने के लिए करीब 50 किमी की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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