बंगाल चुनाव 2026 से पहले Swasthya Sathi पर सवाल, हुगली की कैंसर मरीज से वसूले जा रहे पैसे

स्वास्थ्य साथी कार्ड बनवाने के लिए पहुंची लोगों की भीड़.
Swasthya Sathi Cancer Payment Issue: हुगली जिले के चुंचुड़ा में स्वास्थ्य साथी कार्ड होने के बावजूद कैंसर मरीज से रुपए वसूलने के आरोप लगे हैं. परिवार परेशान है. इस पर राजनीति भी शुरू हो गयी है. जानिए पूरा मामला.
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Swasthya Sathi Cancer Payment Issue: बंगाल चुनाव 2026 से पहले पश्चिम बंगाल सरकार की बहुचर्चित स्वास्थ्य योजना ‘स्वास्थ्य साथी’ पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं. हुगली जिले के चुंचुड़ा-मगरा ब्लॉक के माखला ग्राम पंचायत क्षेत्र में एक कैंसर पीड़ित महिला को स्वास्थ्य साथी कार्ड होने के बावजूद इलाज के लिए अलग से पैसे देने पड़ रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों दलों के नेताओं ने उन्हें आश्वस्त किया है कि उनकी मदद की जायेगी.
क्या है पूरा मामला?
कैंसर पीड़िता सुप्रिया विश्वास ने बताया कि उनके पास स्वास्थ्य साथी कार्ड है. इसके तहत कैशलेस इलाज का लाभ मिलना चाहिए. लेकिन, अस्पताल की ओर से इलाज के लिए अतिरिक्त पैसे जमा करने को कहा जा रहा है. परिवार का कहना है कि वे पहले ही आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं.
काम करके परिवार चलाती थी सुप्रिया
सुप्रिया ने बताया कि वह काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करती थी. कैंसर होने के बाद काम करना संभव नहीं हो पा रहा. वह पंचायत सदस्य सुजय पंडित से मिलीं. अपनी समस्या बतायी. इसके बाद भाजपा नेता स्वराज घोष उनके घर आये और मदद का आश्वासन दिया.
कोलकाता के न्यू टाउन जाना पड़ता है इलाज कराने
सुप्रिया ने भाजपा नेता के प्रति आभार प्रकट किया. उन्होंने बताया कि इलाज के लिए उन्हें कोलकाता के न्यू टाउन जाना पड़ता है. डॉक्टरों ने उनसे कहा है कि स्वास्थ्य साथी योजना से जितना संभव हो पायेगा, उतना खर्च को कवर किया जायेगा. फिर भी उन्हें एक्सट्रा पैसे देने पड़ रहे हैं.
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Swasthya Sathi Cancer Payment Issue: डॉक्टरों और अस्पताल पर आरोप
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अलग-अलग जांच और प्रक्रियाओं के नाम पर अलग से पैसे लिये जा रहे हैं. उनका कहना है कि सरकार की ओर से जारी स्वास्थ्य साथी कार्ड, जो लोगों को 5 लाख रुपए तक किसी भी अस्पताल में कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराता है, लोगों को अपनी जेब से पैसे देने पड़ रहे हैं. इससे उनका आर्थिक बोझ कम नहीं हो रहा है.
स्वास्थ्य साथी कार्ड होने के बावजूद अस्पताल के द्वारा गरीबों से पैसे लेना दुर्भाग्यपूर्ण है. जरूरत पड़ी, तो प्रधानमंत्री राहत कोष से महिला को स्वास्थ्य दिलाने का प्रयास किया जायेगा.
स्वराज घोष, भाजपा नेता, हुगली
राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू
मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है. स्थानीय नेताओं ने स्वास्थ्य साथी योजना को लागू किये जाने पर सवाल उठाये हैं. विपक्ष का आरोप है कि जमीनी स्तर पर योजना को सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है.
कैंसर पीड़ित महला को स्वास्थ्य साथी योजना का लाभ मिल रहा है. हालांकि, पूरी तरह से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. मैंने पीड़िता से कहा है कि वह पंचायत अथवा बीडीओ कार्यालय से संपर्क करे. उनको जरूरी सहयोग दिया जायेगा.
मानस मजूमदार, जिला परिषद सदस्य और तृणमूल कांग्रेस नेता, हुगली
प्रशासन ने क्या कहा?
स्थानीय प्रशासन ने मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच का आश्वासन दिया है. अधिकारियों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
योजना पर फिर उठे सवाल
स्वास्थ्य साथी योजना के तहत राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने का दावा करती है. इस तरह की शिकायतें योजना की पारदर्शिता और कार्यान्वयन पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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