बिरहोरों की स्थिति से रू-ब-रू हुए एक्सएलआरआइ के छात्र

Published at :21 Nov 2016 4:41 AM (IST)
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बिरहोरों की स्थिति से रू-ब-रू हुए एक्सएलआरआइ के छात्र

घाटशिला : एक्सएलआरआइ (इडीसी) जमशेदपुर के छात्र-छात्राओं का एक दल रविवार को घाटशिला प्रखंड की भदुआ गांव पहुंचा. टीम ने यहां विलुप्त होती आदिम जन जाति बिरहोरों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पहलुओं का अध्ययन किया. छात्र-छात्राएं बिरहोरों की समस्याओं से रू-ब-रू हुए. टीम के सदस्यों ने कहा कि बिरहोरों की प्रमुख समस्याओं के निदान […]

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घाटशिला : एक्सएलआरआइ (इडीसी) जमशेदपुर के छात्र-छात्राओं का एक दल रविवार को घाटशिला प्रखंड की भदुआ गांव पहुंचा. टीम ने यहां विलुप्त होती आदिम जन जाति बिरहोरों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पहलुओं का अध्ययन किया. छात्र-छात्राएं बिरहोरों की समस्याओं से रू-ब-रू हुए. टीम के सदस्यों ने कहा कि बिरहोरों की प्रमुख समस्याओं के निदान के लिए उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा जायेगा. बिरहोरों की स्वास्थ्य जांच की गयी. टीम में छात्र दीपक, निखिल, रवि, मनीष, अंकित, नवीन, दिनेश, उमेश और छात्रा महुआ तथा श्रेया शामिल थे. मौके पर पंसस प्रतिनिधि माताल मानकी भी मौजूद थे.

टीम के सदस्यों ने सोमरा बिरहोर समेत अन्य बिरहोरों से रोजगार के साधन की जानकारी ली. बिरहोरों ने बताया कि वे मजदूरी करते हैं या जंगल से सिहोर की लत लाकर रस्सी बनाते हैं. यहां 22 बिरहोर परिवार रहते हैं. सिर्फ 10 परिवार को इंदिरा आवास मिला है. बिरहोरों ने बताया कि वे मिलजुल कर रहते हैं. मकर पर्व, काली पूजा, करम पूजा आदि मनाते हैं. जागरुकता के कारण अब वे अपनी बेटियों की शादी 18 वर्ष के बाद करते हैं.
शिक्षा के प्रति जागरूक हुए हैं बिरहोर
सोमरा बिरहोर ने बताया कि बिरहोरों में शिक्षा के प्रति जागरुकता आयी है. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं अभियान पर वे पहल कर रहे हैं. पांच बिरहोर छात्राएं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ती हैं. 12 छात्र कोलकाता में एक संस्था के माध्यम से पढ़ते हैं. बिरहोर टोला से आंगनबाड़ी केंद्र दूर है. इसलिए छोटे बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र नहीं जाते हैं.
सरकार सिंचाई की व्यवस्था करे, तो होगा लाभ : बिरहोरों ने कहा कि सरकार ने उनके नाम पर भूमि की बंदोबस्ती की है, लेकिन भूमि खेती लायक नहीं है. भूमि समतलीकरण जरूरी है. सिंचाई की सुविधा हो, तो वे खेती कर सकते हैं. सरकार पशु पालन पर जोर दे और उन्हें पशु मुहैया कराये.
बिरहोरों की समस्याओं के निदान के लिए उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेगी विद्यार्थियों की टीम
बिरहोरों के साथ टीम के सदस्य .
शौचालय नहीं, आज भी खुले में करते हैं शौच
टीम ने पाया कि बिरहोर स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं है. इंदिरा आवासों के आसपास झाड़ियों की भरमार है. बिरहोर टोला में एक भी शौचालय नहीं है. बिरहोर पुरुष और महिलाएं आज भी खुले में शौच करने के लिए बाध्य हैं.
बस्ती में पेयजल का घोर संकट
भदुआ बिरहोर बस्ती में पेयजल का घोर संकट हैं. यहां चार सरकारी चापाकल लगे हैं. सभी तीन महीनों से खराब पड़े हैं. दो कुआं का पानी पीने के लायक नहीं है. गर्मी में पानी के लिए परेशान होना पड़ता है.
बिरहोरों में कंबल, मच्छरदानी आदि बांटे
छात्र-छात्राओं की टीम ने बिरहोरों के बीच 40 कंबल, 40 मच्छरदानी, टोपी, साबुन, टूथ पेस्ट, ब्रश, फस्ट एड के सामान, बच्चों के लिए कॉपी और पेंसिल, दो फुटबॉल आदि का वितरण किया. छात्र-छात्राओं ने कहा कि इन सामानों का बेहतर उपयोग करें.
विद्यार्थियों ने बिरहोरों संग किया नृत्य
छात्र-छात्राओं ने बिरहोर पुरुष और महिलाओं के साथ मांदर और धमसे की थाप पर नृत्य किया. बिरहोरों की नृत्य शैली को जाना. टीम के सदस्यों ने बिरहोर बच्चों के साथ भी नृत्य किया.
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