एक माह में जांच रिपोर्ट, स्पीड ब्रेकर भी

Updated at : 05 Jul 2019 2:27 AM (IST)
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एक माह में जांच रिपोर्ट, स्पीड ब्रेकर भी

ग्रामीण एसपी ने ग्रामीणों के संग की बैठक एक माह में एसडीओ जांच कर देंगे रिपोर्ट जांच के बाद ही भारी वाहनों के परिचालन को लेकर लिया जायेगा अंतिम निर्णय घाटशिला : एनएच 18 से फुलपाल-कुतलुडीह लिंक रोड के बीच भारी वाहनों के परिचालन पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के ग्रामीणों की मांग पर […]

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ग्रामीण एसपी ने ग्रामीणों के संग की बैठक

एक माह में एसडीओ जांच कर देंगे रिपोर्ट
जांच के बाद ही भारी वाहनों के परिचालन को लेकर लिया जायेगा अंतिम निर्णय
घाटशिला : एनएच 18 से फुलपाल-कुतलुडीह लिंक रोड के बीच भारी वाहनों के परिचालन पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के ग्रामीणों की मांग पर जिला प्रशासन एक माह में जांच कर अंतिम निर्णय लेगा. घाटशिला एसडीओ कार्यालय में गुरुवार को ग्रामीण एसपी पीयूष पांडेय, एसडीओ अमर कुमार, एसडीपीओ रणवीर सिंह ने कुतलूडीह, कीताडीह, भादूडीह समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों संग बैठक कर वार्ता की. इसमें पूर्व विधायक रामदास सोरेन, जिप सदस्य पूर्णिमा कर्मकार, जिप परिषद सदस्य बाघराय मार्डी, प्रमुख हीरामुनी मुर्मू, ग्राम प्रधान पिथो हांसदा, माझी परगना महाल के देश विचार सचिव बहादुर सोेरेन, शांखो मुर्मू समेत कई लोग मौजूद थे.
नियमों के विरुद्ध हो रहा भारी वाहनों का परिचालन : रामदास
पूर्व विधायक रामदास सोरेन ने कहा कि कई बार ग्रामीण उक्त सड़क पर आयरन ओर लदे वाहनों के परिचालन पर रोकने लगाने की मांग कर चुके हैं. बावजूद धड़ल्ले से सड़क पर बड़े वाहनों का परिचालन हो रहा है. सोमवार को ट्रेलर की चपेट में आने से एक स्कूली छात्रा की मौत हो गयी. पूर्व विधायक ने कहा कि ग्रामीण सड़क पर नियमों के विरुद्ध भारी वाहनों का परिचालन हो रहा, जो बंद होना चाहिए.
तीन घंटे चली वार्ता, ग्रामीणों ने रखा पक्ष : बैठक में ग्रामीणों ने भी अपना पक्ष रखा. उन्होंने ग्रामीण एसपी के समक्ष अपनी बातों को रखा. लगभग तीन घंटे तक अनुमंडल कार्यालय में वार्ता चली. वार्ता में ग्रामीणों ने फुलपाल से कुतलूडीह सड़क पर बड़े वाहनों के परिचालन पर पूर्ण रूप से रोक लगाने की मांग रखी. ग्रामीणों का कहना था कि उक्त सड़क उनकी रैयती जमीन पर बनी है. एचसीएल कंपनी को रैयतदारों ने जमीन दी थी, लेकिन उस सड़क पर बड़े आयरन ओर लदे वाहनों का परिचालन होना गलत है. रैयतदारों ने कहा कि उनकी जमीन पर वे भारी वाहनों का परिचालन नहीं होने देंगे. यह नियमों के भी विरुद्ध है.
जांच होने तक स्पीड ब्रेकर लगेगा : ग्रामीण एसपी
मामले पर ग्रामीण एसपी ने ग्रामीणों से कहा कि तत्काल सड़क पर परिचालन बंद नहीं करवाया जा सकता. ये उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है. जमीन किसकी है और सड़क पर नो इंट्री लगाया जाना है या अन्य किसी प्रकार के कार्रवाई के लिए लिए जांच होगी. इसके बाद ही कार्रवाई हो सकती. ग्रामीण एसपी व एसडीओ ने जांच के लिए एक माह का समय मांगा.
एसडीओ ने कहा कि रैयती जमीन के मामले पर एक माह के अंदर जांच कर रिपोर्ट बनायी जायेगी. ग्रामीणों का कहना था कि जांच होने तक उक्त सड़क पर वाहनों का परिचालन बंद रखा जाये, या नो इंट्री लगाकर रात के 11 बजे से बड़े वाहनों का परिचालन करवाये. हालांकि ग्रामीणों एसपी ने दोनों बातों से इनकार करते हुए ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जांच होने तक प्रशासन उक्त सड़क पर स्पीड ब्रेकर व बैरिकेटिंग लगायेगा. ताकि दुर्घटनाएं न हो. एसपी ने यह भी कहा कि सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण बारी-बारी कर एक तरफ से वाहनों का परिचालन करवाया जायेगा. इसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश कम हुआ.
पुलिस की देखरेख में वाहनों का परिचालन शुरू: पुलिस की देखरेख में गुरुवार तीन बजे से वाहनों का परिचालन सुचारु रूप से शुरू करवाया गया. वार्ता के लिए कीताडीह, कुतलूडीह, भादूडीह, फुलपाल समेत आसपास के गांवों के पुरुषों के साथ-साथा काफी संख्या में महिलाएं अनुमंडल कार्यालय पहुंची थीं. वार्ता में घाटशिला के थाना प्रभारी राम कुमार वर्मा, मऊभंडार टीओपी प्रभारी उमाकांत तिवारी, मुखिया कन्हाई मुर्मू, झामुमो के जिला संगठन सचिव जगदीश भकत, राजहंस मिश्रा समेत कई शामिल थे.
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