East Singhbhum : गालूडीह प्राचीन रंकिणी मंदिर के मुख्य पुजारी बाबाजी का 109वां जन्मोत्सव मना, 2001 दीये जलाये गये, 109-109 फूल, फल व मिठाई का भोग लगा

Updated:
विज्ञापन

मंदिर में सुबह से शाम तक आयोजित धार्मिक अनुष्ठान, विधायक रामदास सोरेन पहुंचे, कहा- कर्म, तपस्या और त्याग के प्रति मूर्ति हैं बाबाजी

विज्ञापन

गालूडीह. गालूडीह प्राचीन रंकिणी मंदिर के मुख्य पुजारी सह संन्यासी विनय दास बाबाजी शुक्रवार को 109 वर्ष के हो गये. भक्तों ने गुरु वंदना के साथ बाबाजी का 109वां जन्मोत्सव मनाया. सुबह मंदिर से नगर कीर्तन निकला, जो क्षेत्र भ्रमण के बाद मंदिर में समाप्त हुआ. अमृतवाणी, सत्संग व भक्तों ने पूजा-अर्चना के साथ 109 नारियल, 109 केला, 109 पेड़ा, 109 सेव, 109 मिठाई का महाभोग चढ़ाया गया.

इधर, विधायक रामदास सोरेन मंदिर पहुंचे और बाबाजी से आशीर्वाद लिया. मंदिर परिसर में 2001 दीप प्रज्ज्वलित किया गया. भक्तों ने वस्त्र देकर बाबा को सम्मानित किया. कई भक्तों ने बाबा से दीक्षा ग्रहण किया. विधायक ने कहा कि बाबाजी त्याग-तपस्या के प्रतिमूर्ति हैं. सादा जीवन और उच्च विचार के कारण लंबी आयु है.

भजन-कीर्तन के साथ भंडारा आयोजित

जन्मोत्सव पर भजन-कीर्तन के साथ भंडारा आयोजित हुआ. कीर्तन मंडली को भक्तों ने वस्त्र दान किया. हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया. मौके पर कालीपद गोराई, जगदीश भकत, वकील हेंब्रम, रतन महतो, मंटू महतो, काजल डॉन, श्रवण अग्रवाल, दुर्गा चरण मुर्मू, बबलू हुसैन, शिप्पू शर्मा, जुझार सोरेन, राजेश्वरी भकत, निर्मल चंद्र सिंह, उज्ज्वल चटर्जी, संजू अग्रहरी, पूर्ण अग्रवाल, नीरज दास, दुली चंद्र अग्रवाल, अभिषेक दास आदि उपस्थित थे.

बाबाजी ने 1951 में पुनः मंदिर की स्थापना की थी

विनय दास बाबा ने गालूडीह प्राचीन रंकिनी मंदिर को पुनः 1951 में स्थापित किया था. बाबा सिर्फ गमछा पहनते हैं. गमछा से शरीर ढंकते हैं. बाबा मूलतः पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा से गालूडीह आये थे. उस दौरान अंग्रेज शासक ने मंदिर में ताला जड़ दिया था. बाबा प्रतिदिन क्षेत्र के 11 परिवारों से भिक्षा मांगकर गुजारा किया करते थे. ग्रामीणों ने उन्हें मंदिर बंद होने की जानकारी दी. वर्ष 1951 में ग्रामीणों के सहयोग से पुनः मां रंकिणी की मंदिर की स्थापना की. भक्त उन्हें गमछा बाबा के नाम से पुकारते हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola