हाथियों ने छह घर तोड़े, ग्रामाीणों ने भागकर बचायी जान

Updated at : 05 Aug 2017 3:58 AM (IST)
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हाथियों ने छह घर तोड़े, ग्रामाीणों ने भागकर बचायी जान

गोदराशोल में रातभर तांडव मचाते रहे हाथी रातभर जागते रहे ग्रामीण हाथियों से बचने के लिए ग्रामीण रातभर करते रहे भाग-दौड़ चाकुलिया : कालियाम पंचायत स्थित रेलवे लाइन और साल जंगल से सटे गोदराशोल गांव में जंगली हाथियों ने दो अगस्त की शाम सात बजे से तीन अगस्त की भोर चार बचे तक उत्पात मचाया. […]

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गोदराशोल में रातभर तांडव मचाते रहे हाथी

रातभर जागते रहे ग्रामीण
हाथियों से बचने के लिए ग्रामीण रातभर करते रहे भाग-दौड़
चाकुलिया : कालियाम पंचायत स्थित रेलवे लाइन और साल जंगल से सटे गोदराशोल गांव में जंगली हाथियों ने दो अगस्त की शाम सात बजे से तीन अगस्त की भोर चार बचे तक उत्पात मचाया. हाथियों की चिघाड़ से ग्रामीण व बच्चे घरों में दुबके रहे. हाथियों के भय से ग्रामीण रतजगा करते रहे. हाथियों ने छह घरों को तोड़ दिया. घरों में रखे चावल व धान चट कर गये. कई ग्रामीणों ने घर से भागकर जान बचायी. हाथियों के भय से ग्रामीणों ने घर छोड़ दिया. ग्रामीण आग जला कर हाथियों को भगाने का प्रयास करते रहे. शुक्रवार को भी ग्रामीण डरे सहमे रहे. पास के जंगल में सभी हाथी डेरा डाले हुए हैं.
ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों ने गांव के गुणाधर नायक के घर को तोड़ा. घर में सोये लोग किसी तरह भाग निकले. इसके बाद हाथियों ने दीपक नायक और बालक नायक के मिट्टी घर को तोड़ा. घर में सोये लोग किसी तरह बच गये. हाथियों ने घर में रखे चावल और धान चट कर दिया. इसके बाद हाथियों ने प्रफुल्ल नायक, सुशेन नायक व निमाई नायक के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया. हाथियों ने सुशेन नायक के घर में रखे एक क्विंटल धान खा लिया. हाथियों ने गांव के प्राथमिक विद्यालय के रसोई घर के दरवाजे को क्षतिग्रस्त कर दिया. भोर चार बजे तक तांडव मचाने के बाद सभी हाथी पास के जंगल में चले गये. इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.
हर आहट पर चौंक उठते हैं ग्रामीण : हाथियों के तांडव से ग्रामीण भयभीत हैं. रात में हर आहट पर
चौंक उठते हैं.
ग्रामीण युद्धिष्ठिर नायक, देवाशीष नायक, गौतम नायक, कृष्णा नायक, पिंटू नायक, परितोष नायक, मदन नायक, दिलीप नायक ने कहा कि उनके पास हाथियों को खदेड़ने के लिए कोई सामग्री नहीं हैं. टॉर्च लाइट नहीं है. वन विभाग ने हाथियों के भगाने के लिए सामग्री नहीं दी है. ग्रामीणों ने कहा कि हाथियों से किसी तरह जान बची. हाथी दिन में जंगल में रहते हैं. शाम होते ही गांव में आ धमकते हैं.
गोदराशोल गांव में पटाखे और जला हुआ मोबिल भेज दिया गया है. फिलहाल भंडार में टार्च लाइट नहीं है. हाथियों की गतिविधियों पर विभाग की नजर है.
– गोरख राम, रेंजर.
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