Exit Poll पर 9 से 29 अप्रैल तक बैन, दिखाने वाले 2 साल के लिए जायेंगे जेल

Exit Poll Ban: निर्वाचन आयोग ने 9 अप्रैल सुबह से 29 अप्रैल शाम 6:30 बजे तक एग्जिट पोल पर रोक लगा दी है. नियम तोड़ने पर 2 साल की जेल हो सकती है. बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव.
Exit Poll Ban: देश के 4 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के बीच निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक बड़ा आदेश जारी किया है. आयोग ने मतदान प्रक्रिया की शुचिता बनाये रखने के लिए 9 अप्रैल की सुबह 7:00 बजे से 29 अप्रैल की शाम 6:30 बजे तक एग्जिट पोल (Exit Poll) पर रोक लगा दी है. यानी इस दौरान कोई न तो एग्जिट पोल कर पायेगा, न ही उसे प्रसारित कर पायेगा. यह आदेश पश्चिम बंगाल सहित उन सभी 4 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश पर लागू होगा, जहां चुनावी प्रक्रिया चल रही है.
जेल और जुर्माना : कानूनन अपराध होगा उल्लंघन
निर्वाचन आयोग ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि इस अवधि के दौरान एग्जिट पोल दिखाना या प्रचारित करना जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 ए का सीधा उल्लंघन माना जायेगा. आयोग ने क्या-क्या कहा है, यहां जान लें.
- सजा का प्रावधान : Exit Poll पर रोक का उल्लंघन करने के दोषी व्यक्ति या संस्थान को 2 साल तक की कैद, भारी जुर्माना या दोनों सजाएं एक साथ भुगतनी पड़ सकती हैं.
- Exit Poll के प्रसारण का समय : 29 अप्रैल की शाम 6:30 बजे के बाद ही चुनावी भविष्यवाणियां सार्वजनिक की जा सकेंगी.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
विधानसभा चुनाव से जुड़ी खास बातें
आयोग का यह फैसला केरल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया है.
- थम गया चुनाव प्रचार : केरल और पुडुचेरी में मंगलवार शाम 6:00 बजे और असम में शाम 5:00 बजे चुनाव प्रचार का शोर थम गया.
- मतदान की तारीखें : केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोट डाले जायेंगे. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में मतदान होना है.
इसे भी पढ़ें : बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ
सुरक्षा और इलाके के हिसाब से बदला जा सकता है समय
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आमतौर पर मतदान का समय सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक है. हालांकि, संबंधित इलाकों की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा-व्यवस्था को देखते हुए मतदान के समय में फेरबदल किया जा सकता है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान खत्म होने के आधे घंटे बाद तक प्रतिबंध जारी रहेगा, ताकि अंतिम मतदाता पर भी किसी प्रकार का मनोवैज्ञानिक प्रभाव न पड़े.
इसे भी पढ़ें
वोटर लिस्ट शुद्धिकरण में 91 लाख मतदाता साफ, पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर महामुकाबला
बंगाल चुनाव 2026 से पहले RPF की कार्रवाई, 14 किलो चांदी के गहनों के साथ एक धराया
मां काली के दरबार में बॉलीवुड ‘क्वीन’ कंगना रनौत, बंगाल और देशवासियों की सुख-शांति का मांगा आशीर्वाद
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




