व्हाइट कोट केवल वेशभूषा नहीं, बल्कि डॉक्टरों की जिम्मेदारी : प्राचार्य

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व्हाइट कोट केवल वेशभूषा नहीं, बल्कि डॉक्टरों की जिम्मेदारी : प्राचार्य

फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज में व्हाइट कोट सेरेमनी आयोजित

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दुमका. दुमका के दिग्घी स्थित फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज में नये आये मेडिकल छात्रों के लिए व्हाइट कोट सेरेमनी आयोजित किया गया. कार्यक्रम में 100 नव-प्रवेशित छात्रों को व्हाइट कोट पहनाकर चिकित्सा पेशे की शपथ दिलाई गयी. यह परंपरा प्रत्येक वर्ष मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष के छात्रों के स्वागत और उनके चिकित्सा जीवन की औपचारिक शुरुआत के रूप में निभायी जाती है. समारोह के दौरान अरुण कुमार चौधरी ने बताया कि व्हाइट कोट केवल वेशभूषा नहीं, बल्कि डॉक्टरों की जिम्मेदारी, अनुशासन और मानवता की सेवा का प्रतीक है. इसी उद्देश्य से छात्रों को उनके कर्तव्य, व्यवहार और नैतिक मूल्यों से संबंधित शपथ दिलाई जाती है. छात्रों को यह संकल्प दिलाया गया कि वे मरीजों की सेवा तन, मन और धन से समर्पित होकर करेंगे. फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में लगभग 500 छात्र अध्ययनरत हैं. इसमें 2019 बैच के अंतिम वर्ष के छात्र से लेकर नवीनतम प्रथम वर्ष के छात्र शामिल हैं. प्रत्येक बैच में 100 विद्यार्थी चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. प्राचार्य कहा कि प्रथम वर्ष में प्रवेश लेते ही छात्रों को डॉक्टर के ड्रेस कोड के रूप में व्हाइट कोट दिया जाता है, जिससे उनमें चिकित्सा पेशे के प्रति सम्मान, अनुशासन और सेवा का संस्कार विकसित हो. उन्होंने बताया कि शपथ पत्र के माध्यम से छात्रों को यह समझाया जाता है कि डॉक्टर बनने के बाद उनके व्यवहार और दायित्व कैसे होने चाहिए, ताकि भविष्य में वे एक संवेदनशील, जिम्मेदार और श्रेष्ठ चिकित्सक बन सकें.

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Rakesh Kumar

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