दुमका नगर. छात्र चेतना संगठन का 27वां स्थापना दिवस यज्ञ मैदान में मनाया गया. समारोह की शुरुआत मां भारती, स्वामी विवेकानंद और शहीद क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. श्यामा देवी ने वंदे मातरम गीत गाकर युवाओं में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्र के प्रति प्रथम भाव का जागरण किया. केंद्रीय प्रमुख हिमांशु मिश्रा ने कहा कि संयुक्त बिहार में भी संताल परगना उपेक्षित था. आज झारखंड में भी यही हाल है. न ही हमारे यहां अच्छी शिक्षा व्यवस्था है और न ही स्वास्थ्य व्यवस्था. उन्होंने अपील की कि दुमका के समृद्ध व्यवसायी और नागरिक एक-एक गरीब बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की जिम्मेदारी लें तो निश्चित रूप से ऐसे बच्चे अपने सपनों को उड़ान दे सकते हैं. प्रदेश अध्यक्ष डॉ हनीफ ने कहा कि आज छात्र चेतना संगठन केवल छात्रों की ही नहीं अपितु समाज के हर शोषित जनों की आवाज बन चुकी है. उन्होंने खासकर विद्यार्थियों को लगन और धैर्य के साथ ईमानदारी पूर्वक अध्ययन करने की सलाह दी. क्षेत्रीय प्रभारी राजीव मिश्रा ने कहा कि आज युवा पीढ़ी अपने को उपेक्षित महसूस कर रही है, हाशिए पर खड़ी है और राजनीतिक पार्टियां मूकदर्शक बनी हुई हैं. वह दिन दूर नहीं कि युवाओं को सत्ता संभालने के लिए आगे आना होगा. इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम में दुमका के बच्चों ने अपनी बेहतरीन प्रतिभा का प्रदर्शन किया. दुमका के उभरते कलाकार कृति ने राष्ट्रीय गीत से सबका मन मोह लिया. धन्यवाद ज्ञापन राकेश मिश्रा ने किया. इस मौके पर मुख्य रूप से उज्ज्वल मिश्रा, मालोती टुडू, गुलशन गुप्ता, मार्टिन मरांडी, भोला यादव, गंगाधर यादव, लंबोदर यादव, बिमल राय, विभीषण शर्मा, प्रशांत मंडल, शशि कसेरा, पीयूष कुमार, आर्यन राज, अमित चांद, आदर्श लाहा, रूपेश मंडल, पीयूष लायक, सुधांशु केशरी, शिव सिंह, निखिल राज, शिवम सिंह, युवराज सिंह, पीयूष सिन्हा, शुभम मिश्रा एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

