प्रज्ञा केंद्र संचालक गये अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

बताया गया कि वर्षों से कार्यरत डिजिटल पंचायत ऑपरेटरों को अब तक नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है.
मसलिया. झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले प्रज्ञा केंद्र संचालक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. इस संबंध में झारखंड प्रदेश डिजिटल पंचायत प्रज्ञा केंद्र संचालक संघ की ओर से शनिवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी मो अजफर हसनैन एवं अंचलाधिकारी रंजन यादव को आठ सूत्री मांग पत्र सौंपा गया. बताया गया कि वर्षों से कार्यरत डिजिटल पंचायत ऑपरेटरों को अब तक नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है. उनकी प्रमुख मांगों में सभी संचालकों को नियुक्ति पत्र प्रदान करना तथा भारतीय श्रम कानून के तहत न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करना शामिल है. संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना 90 दिनों की पूर्व लिखित सूचना के किसी भी संचालक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई या पद से हटाने की प्रक्रिया नहीं अपनायी जाए. मांग पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सभी मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान सीधे ऑपरेटरों के बैंक खातों में किया जाए, न कि किसी बाहरी वॉलेट के माध्यम से. इसके अलावा संचालकों ने यह मांग भी रखी कि उनके कार्यों का नियंत्रण एवं संरक्षण सीधे पंचायती राज विभाग के अधीन हो, जिससे स्थानीय स्तर पर अनावश्यक हस्तक्षेप समाप्त हो सके. संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो हड़ताल के कारण राज्य की हजारों पंचायतों में प्रमाण पत्र निर्गत करने, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने सहित अन्य डिजिटल सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो सकती हैं. इस मौके पर जीवेश कुमार, सिदाम मंडल, मदन मोहन झा, काशीनाथ मंडल, शिवशंकर दत्ता, रूपेश साह, पप्पू महतो, पुष्पा कुमारी, फिरोज अंसारी, नकुल राणा, अमित साधु, तनमय मंडल, पानसल सोरेन, राजेश पंडित सहित दर्जनों प्रज्ञा केंद्र संचालक उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




