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मेडिकल कॉलेज, रेल कनेक्टिविटी, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण व आधुनिक शैक्षणिक संस्थानों से बनी पहचान

Updated at : 13 Nov 2025 11:00 PM (IST)
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मेडिकल कॉलेज, रेल कनेक्टिविटी, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण व आधुनिक शैक्षणिक संस्थानों से बनी पहचान

झारखंड राज्य ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर लिये हैं. इन पच्चीस वर्षों में राज्य ने संघर्ष, संभावनाओं और विकास की सशक्त यात्रा तय की है.

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दुमका नगर. झारखंड राज्य ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर लिये हैं. इन पच्चीस वर्षों में राज्य ने संघर्ष, संभावनाओं और विकास की सशक्त यात्रा तय की है. कभी संसाधनों के दोहन और उपेक्षा के प्रतीक के रूप में देखा जाने वाला यह प्रदेश अब आत्मनिर्भरता और प्रगति की ओर बढ़ते झारखंड का चेहरा बन चुका है. खासकर उपराजधानी दुमका, जिसने लंबे समय तक पिछड़ेपन और पलायन की पीड़ा झेली, आज नयी ऊर्जा और संभावनाओं से भरा उभरता हुआ केंद्र बन गया है. यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन दर्ज किए गए हैं. मेडिकल कॉलेज की स्थापना से लेकर रेलवे कनेक्टिविटी, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण और आधुनिक शैक्षणिक संस्थानों के विकास ने दुमका को एक नयी पहचान दी है. अब यह इलाका सिर्फ ‘संताल परगना का हृदय’ ही नहीं, बल्कि उदीयमान झारखंड का प्रतीक बनकर उभर रहा है — जहां विकास अब एक सपना नहीं, बल्कि साकार होती हकीकत है.

क्या कहते हैं उपराजधानी के लोग

दुमका में मेडिकल कॉलेज की स्थापना इस क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है. खेल क्षेत्र में भी संभावनाएं बढ़ी हैं. खिलाड़ियों के लिए संसाधन और प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था हो जाये तो दुमका से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल सकते हैं. युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है.

संदीप कुमार जयझारखंड गठन के बाद दुमका में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य में उल्लेखनीय विकास हुआ है. मेडिकल कॉलेज और एनएच सड़क निर्माण ने जीवन आसान किया है. अब जरूरत है दुमका में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की, ताकि न्यायिक सुविधा भी उपराजधानी के अनुरूप हो और विकास की गति और तेज पकड़े.सतीश कुमारराज्य गठन के बाद दुमका रेल सेवा से जुड़ा, जो बड़ी उपलब्धि रही. अब जरूरत है लंबी दूरी की ट्रेनों की, जिससे दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों से सीधा संपर्क बने. हवाई सेवाओं की शुरुआत और स्थानीय उद्योग लगाने से पलायन रुकेगा व रोजगार बढ़ेगा. इससे संताल परगना का संतुलित विकास संभव होगा.

मनोज कुमार घोषदुमका में व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में तेजी से बदलाव आया है. अब लोगों को ब्रांडेड वस्तुएं खरीदने बाहर नहीं जाना पड़ता. फिर भी उद्योग जगत को और बढ़ावा देने की जरूरत है, ताकि रोजगार के अधिक अवसर मिलें और दुमका राज्य का आर्थिक केंद्र बन सके.इसके लिए पहल होनी चाहिए.मुश्ताक अलीदुमका में विकास हुआ है पर शहरी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है. नाला, कचरा डंपिंग और स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए. बड़े उद्योग लगने से बेरोजगारी कम होगी और पलायन रुकेगा. दुमका को स्वच्छ, सुंदर और आत्मनिर्भर शहर बनाने की दिशा में ठोस कदम जरूरी हैं.

अमरेंद्र कुमार यादवदुमका में उद्योगों की कमी सबसे बड़ी चुनौती है. अगर यहां उद्योग स्थापित किए जाएं तो मजदूरों का पलायन रुकेगा. जिले में खनिज संपदा अपार है, उसका उपयोग कर क्षेत्र को समृद्ध बनाया जा सकता है. शिक्षा के क्षेत्र में भी संसाधन बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि छात्र बाहर न जाएं. सरकार ध्यान दे.अमिता रक्षितदुमका के फूलो-झानो अस्पताल में आधुनिक उपकरण हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है. इस कमी को दूर किया जाए तो मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि दुमका स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित हो.

डॉ श्वेता स्वराजशिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने उल्लेखनीय पहल की है. मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय और आदर्श विद्यालयों की संख्या बढ़ी है. सावित्रीबाई फुले शिक्षा योजना जैसी योजनाओं से गरीब छात्राओं को लाभ मिला है. दुमका में रेलवे, स्टेडियम और स्विमिंग पूल निर्माण से शिक्षा और खेल दोनों को बल मिला है.

दिलीप झादुमका में पिछले वर्षों में बिजली, शिक्षा और रोजगार की स्थिति में सुधार हुआ है. बालिकायें व युवतियां अब आत्मनिर्भर होकर शिक्षा ग्रहण कर रही हैं. सरकारी और निजी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बढ़ा है. दुमका अब एक शिक्षित और जागरूक समाज की ओर बढ़ रहा है, जो विकास की आधारशिला है.श्याम किशोर सिंह गांधीदुमका में शिक्षा और साहित्य दोनों की समृद्ध परंपरा रही है. विकास के साथ साहित्यिक-सांस्कृतिक चेतना को भी बढ़ावा देना आवश्यक है. कला और साहित्य के संरक्षण के लिए संग्रहालय की स्थापना होनी चाहिए. समाज में नैतिक मूल्यों को सशक्त कर दुमका को सांस्कृतिक राजधानी बनाया जा सकता है.अरुण कुमार सिन्हा

दुमका में युवाओं में खेल के प्रति गहरी रुचि है, पर संसाधनों की कमी बाधक बनती है. मैदानों, प्रशिक्षकों और सुविधाओं का विस्तार कर इसे खेल केंद्र बनाया जा सकता है. जब खेल में भीड़ बढ़ेगी तो अस्पतालों की भीड़ अपने आप घटेगी. स्वस्थ समाज के लिए खेल जरूरी है. इसके विकास पर ध्यान देना चाहिए.मनका मनीष हेंब्रमदुमका पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक है. यहां नए पार्क और चिड़ियाघर जैसी सुविधाओं की जरूरत है. पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय रोजगार बढ़ेंगे. शिक्षा में तकनीकी विकास और पर्यटन में निवेश से दुमका राज्य का अग्रणी जिला बन सकता है. युवा इसकी मुख्य शक्ति हैं. इसको लेकर पहल होनी चाहिए.

हिमांशु दूबेदुमका में हाइटेक शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता है ताकि विद्यार्थियों को बाहर न जाना पड़े. इंटर के बाद रोजगारपरक कोर्स शुरू किए जाएं तो युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा. आधुनिक पाठ्यक्रम और कौशल आधारित शिक्षा से दुमका शैक्षणिक हब बन सकता है और राज्य को नई दिशा मिल सकती है.प्रदीप्त मुखर्जीशिक्षा विकास की सबसे बड़ी कुंजी है. दुमका में शिक्षा को उच्च स्तर तक ले जाने के लिए संसाधनों की बढ़ोतरी जरूरी है. छात्रों को नवीन तकनीक और जानकारी से जोड़ने से वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे. दुमका में शिक्षण संस्थानों का विस्तार ही स्थायी विकास का मार्ग खोलेगा. युवा सशक्त बन पायेंगे.इंद्रजीत प्रसाद भगतदुमका के विकास में युवाओं की भूमिका अहम है. कला, साहित्य और स्वच्छता के क्षेत्र में जागरुकता लाना जरूरी है. युवाओं को प्रेरित कर समाज में नई सोच पैदा की जा सकती है. राज्य और जिले की प्रगति के लिए युवाओं को दिशा, अवसर और जिम्मेदारी तीनों देना आवश्यक है. सरकार पहल करे.अमित झा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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