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जर्नल ‘फ्रंटियर्स इन एकेडमिक रिसर्च’ का तीसरा अंक प्रकाशित

Updated at : 09 Dec 2025 7:25 PM (IST)
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जर्नल ‘फ्रंटियर्स इन एकेडमिक रिसर्च’ का तीसरा अंक प्रकाशित

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का अपना आइएसएसएन युक्त जर्नल प्रकाशित होना शैक्षणिक जगत के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि फ्रंटियर्स इन एकेडमिक रिसर्च विश्वविद्यालय की शोध संस्कृति को नयी गति और दिशा देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास है.

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एसकेएमयू में प्रकाशित बहुविषयक शोध पत्रिका का कुलपति ने किया विमोचन संवाददाता, दुमका सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित बहुविषयक शोध पत्रिका ‘फ्रंटियर्स इन एकेडमिक रिसर्च’ के तीसरे अंक का विमोचन मंगलवार को कुलपति प्रो कुनुल कंडिर ने किया. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का अपना आइएसएसएन युक्त जर्नल प्रकाशित होना शैक्षणिक जगत के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि फ्रंटियर्स इन एकेडमिक रिसर्च विश्वविद्यालय की शोध संस्कृति को नयी गति और दिशा देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास है. यह जर्नल न केवल शोधार्थियों बल्कि शिक्षकों और संपूर्ण अकादमिक समुदाय के लिए उपयोगी और सार्थक मंच के रूप में विकसित हो रहा है. यह हमारे सभी विषयों के विद्वानों को अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने का उत्तम अवसर प्रदान करता है. कहा कि इसके माध्यम से विश्वविद्यालय शोध उत्कृष्टता के मार्ग पर और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेगा. विमोचन में डीएसडब्ल्यू डॉ जैनेंद्र यादव, वित्त सलाहकार बृजनंदन ठाकुर, वित्त पदाधिकारी डॉ संजय कुमार सिन्हा, रजिस्ट्रार डॉ राजीव रंजन शर्मा, सीसीडीडीसी डॉ अब्दुस सत्तार, उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ शम्स तबरेज खान, पीआरओ दीपक कुमार तथा जर्नल के संपादक एवं राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ संजीव कुमार सिन्हा समेत अन्य गणमान्य उपस्थित थे. जर्नल के संपादक डॉ संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि इस अंक में विभिन्न विषयों के 17 शोध आलेख शामिल किये गये हैं. यह जर्नल अर्द्धवार्षिक है और प्रति वर्ष अप्रैल और सितंबर में प्रकाशित किया जायेगा. उन्होंने बताया कि जर्नल का शुभारंभ नवंबर 2023 में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में किया गया था. 2016 में भी विश्वविद्यालय स्तर पर जर्नल प्रकाशन की पहल हुई थी, लेकिन आइएसएसएन नंबर के अभाव में वह बंद हो गया था. विश्वविद्यालय के लिए पहली बार आइएसएसएन नंबर प्राप्त करने में डॉ संजीव कुमार सिन्हा की अहम भूमिका रही है. उनके निरंतर प्रयासों से विश्वविद्यालय का शोध जर्नल अब राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त स्वरूप में पुनः प्रकाशित हुआ है. जर्नल के प्रकाशन से शोधार्थियों को पीएचडी, असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति तथा शिक्षकों को पदोन्नति में भी लाभ मिलेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANAND JASWAL

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ANAND JASWAL is a contributor at Prabhat Khabar.

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