ePaper

दिगलपहाड़ी नहर का गेट लीकेज, 200 हेक्टेयर में नहीं हो सकी रबी की खेती

Updated at : 31 Jan 2026 12:18 AM (IST)
विज्ञापन
दिगलपहाड़ी नहर का गेट लीकेज, 200 हेक्टेयर में नहीं हो सकी रबी की खेती

गेट से लगातार पानी बहकर बर्बाद होने के कारण डैम का जलस्तर नहर के गेट से नीचे चला गया. करीब 200 हेक्टेयर भूमि पर रबी की खेती नहीं हो सकी.

विज्ञापन

रानीश्वर. दिगलपहाड़ी डैम से निकाली गयी दायांतट मुख्य नहर के गेट में लीकेज होने के कारण इस वर्ष किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. गेट से लगातार पानी बहकर बर्बाद होने के कारण डैम का जलस्तर नहर के गेट से नीचे चला गया, जिससे सिंचाई के अभाव में करीब 200 हेक्टेयर भूमि पर रबी फसलों की खेती नहीं हो सकी. किसानों ने बताया कि इस वर्ष अच्छी बारिश के चलते बरसात के मौसम में दिगलपहाड़ी डैम लबालब भरा हुआ था. बावजूद इसके, नहर के गेट से पानी लगातार लीकेज होकर बहता रहा और समय रहते मरम्मत नहीं होने के कारण बहुमूल्य पानी व्यर्थ चला गया. यदि समय पर गेट बदला गया होता, तो रबी फसल के साथ-साथ गरमा धान की खेती भी संभव थी. दिगलपहाड़ी डैम से दायांतट और बायांतट दो अलग-अलग नहरें निकाली गयी हैं. सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता रवींद्र मुर्मू के अनुसार, दिगलपहाड़ी नहर प्रणाली के माध्यम से खरीफ मौसम में 360 हेक्टेयर तथा रबी मौसम में 200 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित है. इन नहरों से सिउलीबोना, चापुड़िया, आसनबनी और तिलाबनी गांवों के किसानों को पानी उपलब्ध कराया जाना है. रबी मौसम के दौरान सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं होने से खरीफ धान की कटनी के बाद खेत खाली पड़े हुए हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गयी है. दायांतट नहर गेट की मरम्मत शुरू : दायांतट मुख्य नहर के क्षतिग्रस्त गेट की मरम्मत का कार्य अब शुरू कर दिया गया है. सिंचाई विभाग की तकनीकी शाखा द्वारा मरम्मत कार्य किया जा रहा है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार फरवरी माह के अंतिम सप्ताह तक कार्य पूरा होने की उम्मीद है. बताया गया कि नहर का गेट लंबे समय से खराब था, जिसके कारण वह पूरी तरह बंद नहीं हो पा रहा था और डैम का पानी लगातार बहता रहता था. मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद किसानों को पुनः सिंचाई सुविधा मिलने की संभावना है. दोनों नहरों में गाद व कचरा जमा, सफाई जरूरी : दिगलपहाड़ी डैम से निकाली गयी दायांतट और बायांतट दोनों मुख्य नहरों में गाद, घास और कचरा जमा हो गया है. नहर में जमी गाद और जगह-जगह उगी घास के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है. दायांतट नहर को कुछ स्थानों पर लोगों ने कूड़ादान के रूप में उपयोग करना शुरू कर दिया है, जिससे नहर कई जगहों पर भर चुकी है. सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता रवींद्र मुर्मू ने बताया कि नहर के गेट बदलने का कार्य तकनीकी शाखा द्वारा किया जा रहा है और फरवरी माह में कार्य पूरा होने की उम्मीद है. उन्होंने लोगों से नहर में कचरा नहीं फेंकने की अपील करते हुए कहा कि इसके लिए किसानों और ग्रामीणों को भी जागरूक होना होगा.

विज्ञापन
BINAY KUMAR

लेखक के बारे में

By BINAY KUMAR

BINAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola