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क्रशर संचालक नियमों की कर रहे अनेदखी, प्रदूषण का खतरा

Updated at : 08 Dec 2025 11:36 PM (IST)
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क्रशर संचालक नियमों की कर रहे अनेदखी, प्रदूषण का खतरा

दुमका-रामपुरहाट मार्ग पर उड़ते धूलकणों से आने-जाने वाले यात्रियों के साथ ग्रामीण परेशान

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शिकारीपाड़ा. दुमका-रामपुरहाट मुख्य सड़क में उड़ते धूलकणों से आने-जाने वाले यात्रियों के साथ ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस मुख्य सड़क के आसपास कई क्रशर प्लांट चल रहे हैं. कई क्रशर प्लांट नियमों का अक्षरश: पालन नहीं करते. संबंधित विभाग द्वारा भी पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को सुनिश्चित कराने में सख्ती नहीं बरता जाता है. ऐसे क्रशर प्लांट से तथा बिना ढके स्टोन चिप्स लदे वाहनों के परिचालन से उड़ते धूलकण मुसीबत बनते जा रहे हैं. इलाके के लोगों को बीमार बनाते जा रहे हैं. कई बार दोपहिया वाहन चालक ऐसे ही धूलकणों की वजह से हादसे का शिकार बनते हैं. उड़ते धूलकणों से ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. दुमका-रामपुरहाट मुख्य सड़क देवघर-बासुकिनाथ-मलूटी-तारापीठ टूरिस्ट सर्किट को जोड़नेवाली सड़क है. पर सड़क पर उड़ते धूलकण पर्यटकों को निराश करते हैं. अधिकांश क्रशर प्लांटों में न तो पेड़-पौधे लगे हैं. न ही उड़ते धूलकणों को नियंत्रित करने की समुचित व्यवस्था ही की गयी है. सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव भी नहीं किया जाता है. धूल की मोटी परत के बीच से भारी वाहनों को गुजरना पड़ता है. उड़ते धूलकणों से साइकिल, बाइक सवारों के दूसरे वाहनों से टकराने की संभावना बनी रहती है. स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य ही नहीं खेती पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है. खेत के ऊपरी सतह में धूलकण जमा हो जाने से किसानों के खेत में लगी फसल भी प्रभावित होती है. कहते हैं ग्रामीण दुमका-रामपुरहाट मुख्य सड़क पर वाहनों के परिचालन से उड़ाते धूल कणों से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव की व्यवस्था हो. -बाबूधन सोरेन उड़ते धूलकणों से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव है. इससे क्षेत्र लोग स्वांस संबंधित बीमारी का शिकार हो रहे हैं. शीघ्र जल्द रोकथाम की पहल होनी चाहिए. चालकों को हादसे का डर रहता है. – रातू बास्की इस मुख्य सड़क पर उड़ते धूलकणों से बाइक आदि चलाने में हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. इन उड़ते धूलकणों की रोकथाम की पहल हो ताकि लोगों को राहत मिल सके. -चुंडा मुर्मू मुख्य सड़क व आसपास क्रशर प्लांट से उड़ते धूलकणों से फसल व पेड़ पौधों के पत्तों में धूल की परत बैठ जाती हैं. इससे फसल उत्पादन पर प्रभाव पड़ता है. प्रदूषण नियंत्रित करने की पहल हो. होपन किस्कू

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAKESH KUMAR

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