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अहंकार के त्याग के बिना भक्ति की प्राप्ति संभव नहीं : अजय परासर

Updated at : 22 Nov 2025 11:13 PM (IST)
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अहंकार के त्याग के बिना भक्ति की प्राप्ति संभव नहीं : अजय परासर

विश्व कल्याणार्थ व समाज में सुख-शांति व समृद्धि के लिए जरमुंडी प्रखंड के कुशमाहा बाराटांड़ मैदान में शनिवार को शिवशक्ति महायज्ञ व रामकथा में भक्तों की भीड़ लगी.

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बासुकिनाथ. विश्व कल्याणार्थ व समाज में सुख-शांति व समृद्धि के लिए जरमुंडी प्रखंड के कुशमाहा बाराटांड़ मैदान में शनिवार को शिवशक्ति महायज्ञ व रामकथा में भक्तों की भीड़ लगी. बनारस से पहुंचे यज्ञाचार्य हरेंद्र शास्त्री जी महाराज, सहयोगी पीयूष द्विवेदी, अरविंद पाण्डेय ने हवन कुंड में आहुति दिलायी. बनारस से पहुंचे कथा वाचक अजय परासर ने शिव के विवाह का प्रसंग सुनाया, जिसमें माता सती और भगवान राम से जुड़ी कथा का वर्णन किया. कथावाचक ने भगवान शिव और माता सती के जीवन से जुड़ी कथा सुनायी. बताया कि एक बार भगवान शिव को रामकथा सुनने की इच्छा हुई और वे माता सती के साथ कुंभज ऋषि के आश्रम पहुंचे. कुंभज ऋषि ने उनका सम्मान किया. रामकथा सुनानी शुरू की, जिसे भगवान शिव ने पूरी एकाग्रता के साथ सुनाया. कथा के दौरान, सती ने भगवान राम की परीक्षा ली, जिससे शिव ने मन ही मन उनका त्याग कर दिया. कथा के माध्यम से संदेश दिया कि अहंकार के त्याग के बिना भक्ति की प्राप्ति संभव नहीं है. मौके पर यज्ञ के सफल संचालन में मुखिया दामोदर गृही, बरुण कुमार मिश्रा, संजीत यादव, उदित कुमार मिश्रा, कृपाशंकर मिश्रा, कांग्रेस राय, जगदीश मंडल, महाराजी राउत, राजेंद्र राय, भरत कापरी, सहित यज्ञ स्थल पर कुशमाहा, सिंहनी एवं पुतलीडाबर पंचायत के दर्जनों सदस्य लगे हुए हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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