18 महीने बाद लाभुक को मिला पशुधन, जांच में फर्जीवाड़ा उजागर
Published by : ANAND JASWAL Updated At : 10 Apr 2026 7:20 PM
अभिलेखों में 9 अक्टूबर को पशुधन वितरण दर्शाया गया, लेकिन वास्तव में लाभुक को कुछ नहीं मिला.
फोटो खिंचवाने के बाद सजनीपाड़ा के ही शख्स ने रख ली थी भैंस प्रतिनिधि, रानीश्वर पाटजोड़ पंचायत के सजनीपाड़ा निवासी मुती सोरेन को बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा की पहल पर 18 महीने बाद भैंस व बछड़ा प्राप्त हुआ. मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत उन्हें 75 प्रतिशत अनुदान पर दो गाय योजना स्वीकृत हुई थी. अभिलेखों में 9 अक्टूबर को पशुधन वितरण दर्शाया गया, लेकिन वास्तव में लाभुक को कुछ नहीं मिला. इस पर मुती सोरेन ने बीडीओ से शिकायत की. जांच में सामने आया कि गौतम घोष और भाग्यधर घोष ने मिलीभगत कर फर्जीवाड़ा किया. आरोपितों ने लाभुक के दस्तावेज लेकर बैंक खाता खुलवाया और अपने घर में भैंस रखकर फोटो खिंचवा कर योजना का लाभ दिखा दिया. मामला उजागर होने और प्रशासनिक कार्रवाई के डर से दोनों आरोपितों ने भैंस और उसका बच्चा लाभुक के घर पहुंचा दिया. शुक्रवार को बीडीओ ने पशुपालन पदाधिकारी व अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर सत्यापन किया. उन्होंने लाभुक को पशुपालन के माध्यम से रोजगार बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी.
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