काठीकुंड. प्रखंड के फिटकोरिया ग्राम स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मे विभिन्न पदों पर नियुक्ति कराने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाते हुए अभाविप के बैनर तले ग्रामीणों में धरना प्रदर्शन किया. विद्यालय के मुख्य द्वार के समीप धरना-प्रदर्शन किया और विद्यालय प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाज़ी की. फिटकोरिया की रीता देवी ने बताया कि कुछ महीनों पूर्व विद्यालय के गार्ड संजय भंडारी ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में रसोईया के कार्य में नियुक्ति कराने के नाम पर 10 हज़ार रुपये लिए थे. बिना कोई नियुक्ति पत्र के लगभग 4 दिनों तक उन्हें विद्यालय मे रसोईया के पद पर कार्य कराया गया, फिर कार्य से निष्कासित कर दिया गया. बताया कि नियुक्ति नहीं हो पाने की बात कहते हुए पांच हजार रुपये उसे गार्ड ने लौटाए. फिटकोरिया की ही सुरुधनी सोरेन ने बताया कि उससे भी संजय भंडारी ने झाड़ू पोछा के कार्य में लगवाने के नाम पर 10 हज़ार रुपये की राशि मांगी थी. पांच हज़ार रुपये लिए और बाकी वेतन से काटने की बात कहकर उसे विद्यालय में कार्य पर लगवा दिया. लगभग एक माह तक विद्यालय मे झाड़ू -पोंछा का कार्य किया. कुछ दिनों की छुट्टी के बाद जब वो वापस कार्य पर लौटना चाही तो विद्यालय में किये कार्य का वेतन दिए बिना ही उसे भी कार्य से निष्कासित कर दिया गया. मौक़े पर कुछ ग्रामीणों ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि साठगांठ से ये सब हो रहा है. बताया कि विद्यालय में फिटकोरिया ग्राम प्रधान फूलसरिया देवी का विद्यालय में आना-जाना लगा रहता है. प्रधान के पति धनराज राय के विद्यालय में नाइट गार्ड व बेटा लखी राय के डे-गार्ड के कार्य करने पर भी सवाल उठाया. इन्हीं मुद्दों पर धरना प्रदर्शन कर रहे अभाविप के नगर मंत्री संजय पाल ने बताया कि विद्यालय प्रशासन की मनमानी और भ्रष्टाचार के विरुद्ध हमारा ये धरना है. उन्होंने पूरे मामले में विद्यालय प्रशासन द्वारा जांच कमेटी गठित कर मामले की जांच कर न्यायसंगत कार्रवाई करने और विद्यालय मे विभिन्न पदों पर हो रही नियुक्ति मे पारदर्शिता दिखाते हुए नियमतः नियुक्ति पत्र देकर कर्मियों को कार्य पर रखने की मांग की.
विद्यालय के गार्ड ने दी सफाई :
मुझ पर लग रहे सारे आरोप झूठे हैं. मैंने विद्यालय में कार्य दिलाने के नाम पर किसी से पैसे की मांग नहीं की है और न ही किसी से पैसे लिए हैं. मेरी जहां तक जानकारी है उसके मुताबिक सुरुधनी देवी, जो विद्यालय में झाड़ू-पोंछा कार्य कर रही थी, लगभग एक माह कार्य करने के पश्चात सुरुधनी और उसके पति के बीच पारिवारिक विवाद बढ़ जाने के कारण सुरुधनी कार्य छोड़ कर अपने मायके चले गयी थी. इस मामले मे सुरुधनी द्वारा विद्यालय में एक लिखित आवेदन भी दिया गया था. वहीं रीता देवी ने खुद रसोईया का कार्य छोड़ दिया था.– संजय भंडारी, गार्ड.
विद्यालय में तमाम नियुक्तियां जिला कल्याण विभाग द्वारा की जाती है. नियुक्तियों में किसी के द्वारा पैसे लेने या पैसे की मांग करने की शिकायत हमें प्राप्त नहीं है. कर्मी सुरुधनी सोरेन पारिवारिक हिंसा के कारण स्वतः कार्य छोड़ कर चलीं गयी थी, पुनः15 दिनों पश्चात उनके द्वारा मामले को लेकर विद्यालय में लिखित आवेदन देकर पुनः कार्य पर रखने की मांग की गयी थी, जिस पर एक लिखित आवेदन जिला कल्याण पदाधिकारी को देने को कहा गया था.– मनोरंजन कुमार, प्रभारी प्राचार्य,B
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