90 फीसदी रैयत अधिग्रहण के खिलाफ

Published at :08 Feb 2017 2:11 AM (IST)
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90 फीसदी रैयत अधिग्रहण के खिलाफ

अडाणी पावर प्लांट. विधायक प्रदीप यादव की अगुआई में रैयतों ने आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, कहा रैयतों ने फर्जी तरीके से जमीन को अधिग्रहण करने का ज्ञापन में आरोप लगाते हुए जांच की मांग की. जन सुनवाई के पहले केस करने की बात बतायी. छह दिसंबर की कथित फर्जी जनसुनवाई रद्द करने की मांग वहीं […]

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अडाणी पावर प्लांट. विधायक प्रदीप यादव की अगुआई में रैयतों ने आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, कहा

रैयतों ने फर्जी तरीके से जमीन को अधिग्रहण करने का ज्ञापन में आरोप लगाते हुए जांच की मांग की. जन सुनवाई के पहले केस करने की बात बतायी.
छह दिसंबर की कथित फर्जी जनसुनवाई रद्द करने की मांग
वहीं 5 मार्च 2017 की जन सुनवाई पर तत्काल रोक लगाने की भी बात कही
आमजनों व रैयतों से संपर्क किये वगैर सोशल इंपैक्ट एसेसमेंट का रिपोर्ट बनाने का आरोप
दुमका : गोड‍्डा जिले में अडाणी के पावर प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में कथित फर्जी जन सुनवाई मामले में रैयतों ने पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव के नेतृत्व में प्रमंडलीय आयुक्त दिनेश चंद्र मिश्र से मुलाकात की तथा ज्ञापन सौंपा. आयुक्त को रैयतों ने ज्ञापन देकर बताया कि गोड‍्डा के दो अंचलों गोड‍्डा एवं पोड़ैयाहाट के क्रमश: मोतिया, नयाबाद, गंगटा, पटवा, सोंडिहा, गायघाट, बलिया, रंगनिया एवं पेटवी मौजा में भूमि अधिग्रहण हो रहा है. 90 प्रतिशत रैयत इस भूमि अधिग्रहण के विरोध में है और अपनी जमीन की रक्षा के लिए आंदोलन कर रहे हैं, पर प्रशासन फर्जी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया कर कागजी खानापूर्ति करा रहा है.
कहा गया कि एजेंसी एएफसी इंडिया लिमिटेड मुंबई बिना जमीन पर गये तथा आमजनों व रैयतों से संपर्क किये वगैर ही सोशल इंपैक्ट एसेसमेंट का रिपोर्ट तैयार कर दिया है. आयुक्त को यह भी अवगत कराया गया कि किस प्रकार जन सुनवाई के पहले वहां के मूल रैयतों पर 107 का केस कर दिया गया तथा जन सुनवाई से रोकने के लिए षड्यंत्र के तहत बिना हस्ताक्षर वाला प्रवेश पत्र जारी किया गया. ऐसा कर अडाणी के एजेंटों को जन सुनवाई का हिस्सा बनाकर खानापूर्ति कर दी गयी. आयुक्त को यह भी बताया गया कि दलालों के माध्यम से भोले-भाले रैयतों को झांसा देकर गलत तरीके से सहमति पत्र बनाया गया.
ये सहमति पत्र भी अन्य कार्यो के लिए लिया गया था, जो अब भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में उपयोग किया जा रहा है. रैयतों ने 6 दिसंबर 2016 की फर्जी जन सुनवाई की जांच कराने, उसे रद‍्द करने तथा 5 मार्च 2017 को आगे की जन सुनवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल में मोतिया के चिंतामणि साह, गोबिंदपुर के सूर्यनारायण हेंब्रम, सोंडिहा के सुबोध कुमार झा व प्रदीप साह पटवा के जयनारायण साह व श्रीकांत साहा, गंगटा के भगत हेंब्रम, मोतिया के राम यादव, रामजीवन पासवान, बक्सरा की सविता देवी व मुखिया कल्याण देवी शामिल थे.
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