आदिवासी-मूलवासी रैयत संघर्ष मोरचा का प्रदर्शन

Published at :21 Nov 2016 5:26 AM (IST)
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आदिवासी-मूलवासी रैयत संघर्ष मोरचा का प्रदर्शन

सिदो कान्हू की प्रतिमा को नमन करते आदिवासी-मूलवासी संघर्ष मोरचा के सदस्य. दुमका : आदिवासी-मूलवासी रैयत संघर्ष मोरचा के सदस्यों ने सिदो-कान्हू चौक पर स्थित अमर सेनानी सिदो-कान्हू मुर्मू की प्रतिमा की सफाई कर पूजा अर्चना की. उसके बाद रैयतों द्वारा बैठक की गयी. जिसमें रघुवर सरकार द्वारा घोषित स्थानीय नीति, एसपीटी-सीएनटी एक्ट में संशोधन […]

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सिदो कान्हू की प्रतिमा को नमन करते आदिवासी-मूलवासी संघर्ष मोरचा के सदस्य.

दुमका : आदिवासी-मूलवासी रैयत संघर्ष मोरचा के सदस्यों ने सिदो-कान्हू चौक पर स्थित अमर सेनानी सिदो-कान्हू मुर्मू की प्रतिमा की सफाई कर पूजा अर्चना की. उसके बाद रैयतों द्वारा बैठक की गयी. जिसमें रघुवर सरकार द्वारा घोषित स्थानीय नीति, एसपीटी-सीएनटी एक्ट में संशोधन और नौकरी में खतियान की बाध्यता खत्म करने के विरुद्ध सोमवार 21 नवंबर को मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद के तमाम सदस्यों के पुतले के साथ शव यात्रा की तैयारी को लेकर चर्चा हुई. कहा गया कि यह विरोध कार्यक्रम संतालपरगना कॉलेज चौक से दोपहर 12 बजे से प्रारंभ किया जायेगा. जो रैली के रूप में विभिन्न चौकों से होते हुए टीन बाजार चौक पहुंचेगी.
वहां मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद के तमाम सदस्यों का पुतला दहन किया जायेगा. मोरचा ने सभी सामाजिक संगठनों को झारखंड हित में इस आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया. कहा कि सरकार वर्तमान काली स्थानीय नीति को रद्द कर 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू करे. इन्होंने नौकरी में खतियान को अनिवार्य किये जाने की भी मांग की. बैठक में रवि हांसदा, कामराज मुर्मू, सिदो हांसदा, विजय हांसदा, राजीव बास्की, जयराम हेम्ब्रम, अशोक हेम्ब्रम आदि थे
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