रिश्तों का कत्ल: दुमका में दहेज लोभी ने पत्नी के साथ की ऐसी हैवानियत कि कोख में ही थम गई 3 माह के नवजात की सांसें

Published by :Sameer Oraon
Published at :16 Apr 2026 7:24 PM (IST)
विज्ञापन
Dumka Crime News

दुमका पुलिस

Dumka Crime News: दहेज की भूख ने एक अजन्मी जान ले ली. दुमका के मटिहानी गांव की बुलबुल कुमारी को क्या पता था कि जिस पति के साथ उसने घर बसाया, वही उसकी कोख का कातिल बनेगा. 3 अप्रैल की रात हुई बेरहम पिटाई ने 3 महीने के गर्भस्थ शिशु की जान ले ली. पढ़ें, समाज को झकझोर देने वाली यह रिपोर्ट.

विज्ञापन

Dumka Crime News, दुमका (संजीत मंडल की रिपोर्ट): दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत मटिहानी गांव से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां रिश्तों में बढ़ती हिंसा और दहेज की लालसा ने एक बेगुनाह जिंदगी को दुनिया में आने से पहले ही खत्म कर दिया. पीड़िता बुलबुल कुमारी के अनुसार, दहेज को लेकर शुरू हुआ विवाद शारीरिक प्रताड़ना तक पहुंच गया और अंततः उनके तीन महीने के गर्भस्थ शिशु की मौत का कारण बना.

समझौता और बॉन्ड भी रहे बेअसर

बुलबुल की शादी 2023 में गोड्डा के पोड़ैयाहाट निवासी सनोज कुमार दास से हुई थी. शादी के कुछ समय बाद ही दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया जाने लगा. मामला पोड़ैयाहाट और दुमका महिला थाना तक भी पहुंचा, जहां पति से भविष्य में ऐसी हरकत न करने का बॉन्ड भी भरवाया गया. लेकिन आरोपी सनोज पर कानून का कोई खौफ नहीं दिखा और वह लगातार बुलबुल के साथ मारपीट करता रहा.

Also Read: राष्ट्रीय कमेटी में पूर्णिमा साहू: ज्योतिबा फुले के संदेश को घर-घर पहुंचाएगी जमशेदपुर की विधायक

कमरे में बंद कर रातभर की पिटाई

घटनाक्रम के अनुसार, 3 अप्रैल 2026 की रात आरोपी पति ने विवाद के दौरान बुलबुल की बेरहमी से पिटाई की और उसे रातभर कमरे में कैद रखा. अगले दिन जब पीड़िता के पिता वहां पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, तो अल्ट्रासाउंड व जांच में पता चला कि कोख में पल रहे तीन महीने के शिशु की मौत हो चुकी है. इस खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है.

पुलिस की कार्रवाई और उठते सवाल

पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब आरोपी पति से पूछताछ कर रही है और सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है. यह घटना समाज और प्रशासन के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गई है कि क्या केवल कानूनी कागजों पर ‘बॉन्ड’ भरवा लेने से बेटियों की जान सुरक्षित रह पाएगी.

Also Read: एक्शन मोड में गढ़वा: शराब के नशे में ड्यूटी करने वाले 3 सरकारी बाबू सस्पेंड, ग्रामीणों से बदसलूकी पड़ी भारी

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola