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Published at :17 Dec 2015 9:30 PM (IST)
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गोड्डा महेशपुर के रहने वाले झा ऐसोसिएट के आॅनर सुशील झा की मौत से जिले के लोग शोकाकुल //स्वभाव से मिलनसार, मृदुभाषी स्वभाव से जिले में थी पहचान – गुरूवार को सुशील झा के सुसाइड की बात से जिले में शोक की लहर- गोड्डा के बसंतराय प्रखंड के महेशपुर गांव के रहने वाले सुशील सात […]

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गोड्डा महेशपुर के रहने वाले झा ऐसोसिएट के आॅनर सुशील झा की मौत से जिले के लोग शोकाकुल //स्वभाव से मिलनसार, मृदुभाषी स्वभाव से जिले में थी पहचान – गुरूवार को सुशील झा के सुसाइड की बात से जिले में शोक की लहर- गोड्डा के बसंतराय प्रखंड के महेशपुर गांव के रहने वाले सुशील सात भांई बहन में पांचवे स्थान पर- पिता पुरूषोत्तम झा 2010 के चुनाव में बने थे सुस्ती पंचायत के मुखिया, 80 वर्षीय पिता निहार रहे है केवल लोगों का चेहरातसवीर-25 में सुशील झा का पैतृक गांव महेशपुर स्थित घर , 26 में पिता मंदिर के सामने बैठे.संवाददाता, गोड्डा/बसंतरायदुमका के कुरुवा में गुरुवार सुबह झा एसोसिएट के मालिक सुशील झा द्वारा आत्महत्या कर लिये जाने की खबर सुनकर गोड्डा के लोगों में शोक की लहर दौड़ गयी है. 50 वर्षीय सुशील झा के मौत की जानकारी उनके परिजनों के साथ-साथ ससुराल के लोगों को मिलने पर दुमका पहुंचकर जानकारी ली.गोड्डा के बसंतराय प्रखंड के महेशपुर गांव के रहने वाले सुशील झा की मोत की जानकारी से ग्रामीण शोकाकुल हैं. इस बात की जानकारी के बाद वयोवृद्ध 80 वर्षीय पिता पुरूषोत्तम झा के आंखों के आंसू ही सुख गये. मिलने वाले लोगों को केवल निहारने वाले पुरुषोत्तम झा 2010 में सुस्ती पंचायत के मुखिया रह चुके हैं.विनम्र, मृदुभाषी, मिलनसार स्वभाव के सुशीलगांव के लोगों में इस बात की चर्चा करते हुये लोगों का कहना था कि सुशील झा की पहचान जहां बड़े व्यवसायी के रूप में है वहीं गांव समाज में मिलनसार, दयालु तथा मृदुभाषी के रूप में है. अपने गांव तथा जिले में समाजिक सरोकार से जुड़े रहने वाले सुशील हर वर्ष करीब 4 हजार गरीब लोगों के बीच कंवल का वितरण किया करते थे. सुशील झा इतना ही नहीं हर साल ऐसे पांच से छह लोगों को आर्थिक रूप से सहयोग भी किया करते थे. बेटी की शाादी की जानकारी के बाद लोगों को 25 -50 हजार रुपये तक की मदद में आगे थे. सात भाई बहनों में सुशील पांचवे थे. डिप्लोमा अभियंता की डिग्री के बाद वे स्वयं के व्यवसाय में उतरे और देखते ही देखते दिल्ली से कोलकाता में झा ऐसोसिऐट नामक कंपनी बना ली. कंपनी का एक ऑफिस दुमका में भी था. दुमका के कुरवा में उनका निर्माणाधीन फार्म हाउस भी है. झा ऐसोसिट कोयला व खनन संबंधी कारोबार से जुड़ा बताया जाता है………………………………………………..” सुशील झा स्वभाव के साथ हृदय के भी धनी व्यक्ति थे. महेशपुर के अलावा जिले के कई लोगों को हेल्प करने के साथ धार्मिक कार्यों में भी सहयोग करते थे. आसामयिक मौत से बड़ा झटका लगा है.- राजेश झा, ग्रामीण सह भाजपा नेता…………………………………….”सुशील झा ने कई खेल के कार्यक्रम में भी खुलकर सहयोग किया करते थे मौत से जिले के लोगों को बड़ा झटका लगा है.- सुरजीत झा, विभिन्न खेल संघ सचिव……………………………………….”जिले में कुछ ही लोग हैं जो लोगों का सहयोग करते हैं, बाहर रहने के बावजूद जलोगों को सहयोग करने का काम स्व झा किया करते थे.- आशुतोष झा, रिश्तेदार…………………………………..” सुशील झा के मौत की खबर से बड़ा दुख हुआ है ऐसे परोपकारी कम ही होते हैं, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे.-अरविंद कुमार झा.

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