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बिना इलाज कराये लौटे 600 मरीज, इमरजेंसी सेवा रही बहाल

Updated at : 16 Aug 2024 11:48 PM (IST)
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बिना इलाज कराये लौटे 600 मरीज, इमरजेंसी सेवा रही बहाल

कोलकाता की महिला डॉक्टर से रेप व हत्या के विरोध में बंद रही पीजेएमसीएच की ओपीडी सेवा

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दुमका नगर. कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला चिकित्सक के साथ रेप और हत्या के विरोध में रेजिडेंड डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार से फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों ने अनिश्चितकालीन ओपीडी सेवा बंद ही. सभी चिकित्सक रोज की तरह अस्पताल पहुंचे और ओपीडी में धरने पर बैठने से पहले दिवंगत चिकित्सक की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की. मीडिया प्रभारी डॉ सरीफुल हक ने बताया कि जूनियर लेडी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म करने के बाद निर्मम हत्या का मामला दुर्भाग्यपूर्ण है. घटना के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर अनिश्चितकालीन ओपीडी सेवा का बहिष्कार आज से शुरू किया गया है. बहिष्कार से इमरजेंसी सेवा को बाहर रखा गया है. गंभीर मरीज, वार्ड में भर्ती मरीज व पोस्टमार्टम की सेवा दी जा रही है. डॉक्टरों की मुख्य मांगों में चिकित्सक के साथ रेप और हत्याकांड में शामिल अभी अपराधियों की गिरफ्तारी हो. सभी अपराधियों पर न्यायालय त्वरित कार्रवाई कर सजा दी जाये, अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर चिकित्सकों का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा. भविष्य में किसी भी अस्पताल में इस प्रकार की घटना का पुनरावृत्ति न हो इसलिए पुलिस बल के जवानों को तैनात किया जाये. ताकि चिकित्सक भयमुक्त होकर मरीजों को सेवा दे सकें. निबंधन काउंटर, दवा वितरण केंद्र बंद रहा ओपीडी बहिष्कार की घोषणा के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. अन्य दिनों की तरह मरीज ओपीडी के समय अस्पताल पहुंचे. लेकिन निबंधन काउंटर बंद रहने के कारण मरीज मायूस होकर लौट गये. पीजेएमसीएच के ओपीडी में दूसरे दिन 600-700 मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं. ओपीडी बंद रहने के कारण शुक्रवार को सिर्फ 10 प्रतिशत मरीजों का इलाज किया गया. करीब 600 मरीज बिना इलाज के वापस लौट गये. वहीं कई मरीजों ने मजबूरन निजी क्लिनिक में जाकर इलाज कराया. इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात रहे चार डॉक्टर आपातकालीन स्थिति से निबटने के सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक इमरजेंसी ड्यूटी में चार चिकित्सक तैनात रहे, जिन्होंने केवल गंभीर मरीजों का इलाज इलाज किया. इमरजेंसी में 66 मरीजों प्राथमिक उपचार किया. वहीं गंभीर रूप से बीमार 30 मरीजों को भर्ती किया गया. नही हो सका दिव्यांग बोर्ड चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार करने के कारण महीने दो बार होने वाला दिव्यांग बोर्ड नही किया जा सका. सुबह से ही दिव्यांग अपने परिजनों के साथ पुराना सदर अस्पताल पहुंचे. कतार में लग कर कार्यालय खुलने का इंतजार करते रहे. अंत में विभागीय कर्मी ने बोर्ड नही होने की सूचना दी. सभी लोग अंत में वापस लौट गये. 9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत महिला चिकित्सक के साथ रेप और हत्या व 14 अगस्त की रात असामाजिक तत्वों के द्वारा अस्पताल में तोड़फोड़ के विरोध में चिकित्सकों ने ओपीडी कार्य का अनिश्चतकालीन बहिष्कार किया है. लेकिन इमरजेंसी सेवा और वार्ड में भर्ती मरीजों की सेवा दी जा रही है. कल आईएमए का पेन डाउन हड़ताल का आह्वान किया गया है. डॉ अनुकरन पुर्ति, सुपरिटेंडेंट, पीजेएमसीएच, दुमका फोटो 16 डीयूएम 103, 104,105,106 व 107 103 – बंद ओपीडी में धरना में बैठे चिकित्सक व छात्र-छात्राएं 104 – तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते चिकित्सक 105 – बंद निबंधन काउंटर 106 – इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक 107 – सुनसान पड़ा ओपीडी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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