चुनाव से पहले AJSU पार्टी की महिला उम्मीदवार डॉ स्टेफी टेरेसा मुर्मू के साथ पीए ने की मारपीट, VIDEO

दुमका : झारखंड की उपराजधानी दुमका जिला के जामा विधानसभा की आजसू प्रत्याशी डॉ स्टेफी टेरेसा मुर्मू के साथ उनके ही पीए ने मारपीट की है. डॉ स्टेफी के पीए अश्विनी कुमार सिंह ने मुक्के से उन पर हमला किया, उनके बाल खींचे और 3 मोबाइल, पर्स में रखे एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, […]
दुमका : झारखंड की उपराजधानी दुमका जिला के जामा विधानसभा की आजसू प्रत्याशी डॉ स्टेफी टेरेसा मुर्मू के साथ उनके ही पीए ने मारपीट की है. डॉ स्टेफी के पीए अश्विनी कुमार सिंह ने मुक्के से उन पर हमला किया, उनके बाल खींचे और 3 मोबाइल, पर्स में रखे एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, सोने की एक बाली और करीब 15 हजार रुपये नकद छीन लिये. डॉ स्टेफी ने इस संबंध में जामा थाना में एक प्राथमिकी दर्ज कराकर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगायी है.
ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी की उम्मीदवार डॉ स्टेफी टेरेसा मुर्मू ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं. उनका पीए चाहता है कि वह चुनाव के मैदान से हट जायें, लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगी. वह जामा के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए अपनी जान तक देने के लिए तैयार हैं. वह चुनाव के मैदान में उतरी हैं, तो अपने कदम पीछे नहीं लेंगी.
डॉ स्टेफी ने अपने पीए पर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया. अपनी शिकायत में डॉ स्टेफी ने अश्विनी कुमार सिंह पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं. उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं. अश्विनी चाहते हैं कि वह चुनाव न लड़ें और इस बारे में लोगों में भ्रम फैला रहे हैं. लेकिन, वह रुकने वाली नहीं हैं. उन्होंने क्षेत्र की जनता की सेवा के लिए चुनाव लड़ने का निर्णय लिया और अपने फैसले पर अडिग हैं.
उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित जामा विधानसभा सीट पर पांचवें और अंतिम चरण में 20 दिसंबर को मतदान होगा. यहां से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सीता सोरेन चुनाव लड़ रही हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सुरेश मुर्मू को अपना टिकट दिया है, तो बाबूलाल मरांडी की पार्टी झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) ने अर्जुन मरांडी को चुनाव के मैदान में उतारा है.
अश्विनी ने आरोपों को किया खारिज
डॉ स्टेफी के पीए अश्विनी कुमार ने सारे आरोपों को निराधार बताया है. कहा है कि 12 दिसंबर को अगर घटना हुई, तो शिकायत करने में इतना वक्त उन्हें क्यों लगा. उनके साथ बॉडीगार्ड चलते हैं. वास्तविकता यही है कि डॉ स्टेफी ने कई जगहों पर चुनावी कार्यालय खुलवा लिया, गाड़ियां रिलीज करवा ली, सभी पैसे मांग रहे थे. वह किसी को भुगतान नहीं कर रहीं थीं. वे चुनावी खर्च मुझ पर थोप रहीं थीं. पैसे नहीं दे रही थीं, तो मैं घर बेचकर तो पैसे नहीं देता. इसलिए सब कुछ छोड़कर मैं लौट गया.
कौन हैं डॉ स्टेफी टेरेसा मुर्मू
स्टेफी टेरेसा मुर्मू झारखंड फिल्म टेक्निकल एडवाइरी कमेटी की सदस्य हैं. वह झारखंड कल्चरल आर्टिस्ट एसोसिएशन रांची की पैट्रोन, फिल्म डेवलपमेंट काउंसिल ऑफ झारखंड की सदस्य हैं. आइएएस अधिकारी की पत्नी स्टेफी झारखंड आइएएस ऑफसर्स वाइव्स एसोसिएशन की कोषाध्यक्ष भी हैं. जामिया मिलिया इसलामिया की पीएचडी रिसर्च स्कॉलर स्टेफी टेरेसा मुर्मू ‘बाहा’ मैगजीन की प्रधान संपादक रह चुकी हैं. रांची में रहने वाली स्टेफी टेरेसा मुर्मू के पति झारखंड पर्यटन विभाग में वरीय अधिकारी हैं.
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