पलायन का दर्द: अहमदाबाद जा रहे दुमका के मजदूर का आरा में मिला सिर कटा शव, साथी लापता

मृतक मजदूर के घर जुटे रिश्तेदार
Dumka Migrant Labor Death: दुमका जिले के काठीकुंड से अहमदाबाद मजदूरी करने निकले दिनेश पंडित का शव बिहार के आरा के पास रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध अवस्था में मिला है. साथ में गया एक अन्य युवक नरेश पंडित लापता है. परिजनों ने पैसों के विवाद में हत्या की आशंका जताई है, जबकि साथ लौटे साथियों का दावा है कि वे ट्रेन से कूदे थे. पुलिस मामले की जांच की मांग कर रही है.
दुमका से अभिषेक की रिपोर्ट
Dumka Migrant Labor Death, दुमका : ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के सिमटते अवसरों और स्थानीय स्तर पर रोजगार की कमी के कारण होने वाला पलायन आज भी प्रवासी मजदूरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. ताजा दर्दनाक मामला दुमका जिले के काठीकुंड प्रखंड से सामने आया है, जहां बेहतर जिंदगी की तलाश में गुजरात के अहमदाबाद में कमाने निकला एक प्रवासी मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. वहीं, उसके साथ गया एक अन्य युवक अब भी लापता है, जिससे पूरी घटना रहस्यमयी बन गई है. मृतक की पहचान काठीकुंड थाना क्षेत्र की बड़ाचापुड़िया पंचायत के नारगंज गांव निवासी दिनेश पंडित के रूप में हुई है. बुधवार को दिनेश का शव गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और नारगंज स्थित श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया.
पैसों का विवाद और ‘ट्रेन से कूदने’ की थ्योरी पर उठे सवाल
पारिवार के सदस्यों के अनुसार, दिनेश 27 मई को गांव के ही कुछ अन्य युवकों के साथ मजदूरी करने के लिए अहमदाबाद (गुजरात) के लिए निकले थे. मृतक की पत्नी ने बताया कि शुक्रवार को दिनेश से उनकी आखिरी बार फोन पर बात हुई थी. दिनेश ने बताया था कि साथ गए कुछ लोग उनसे एडवांस पैसों की मांग कर रहे हैं और इसी विवाद के कारण वह वापस घर लौट रहे हैं. हालांकि गांव लौटे साथी राहुल पंडित और संतोष पंडित का दावा किया कि यात्रा के दौरान दिनेश और नरेश पंडित चलती ट्रेन से कूद गए थे.
परिजनों को साजिश की आशंका
दिनेश का परिवार इस दावे को सिरे से खारिज कर रहा है. उनका सवाल है कि यदि दोनों ट्रेन से कूदे, तो दिनेश का शव बिहार के आरा जंक्शन के पास रेलवे ट्रैक पर सिर कटी अवस्था में कैसे मिला? वहीं, लापता युवक नरेश पंडित के बड़े भाई घनश्याम पंडित ने भी भाई का अब तक कोई सुराग न मिलने पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था दिनेश
दिनेश पंडित अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे, जिनकी मौत के बाद पत्नी और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर नहीं मिलने के कारण युवाओं को मजबूरन पलायन करना पड़ रहा है. घटना की सूचना पाकर बड़ाचापुड़िया पंचायत की मुखिया चांदनी देवी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं और उन्हें सरकारी स्तर पर हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया. इस घटना ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, ई-श्रम पंजीकरण और श्रम विभाग के दावों की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है. ग्रामीणों ने अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है.
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लेखक के बारे में
By समीर उरांव
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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