ePaper

कभी झामुमो के लिए प्रतिष्ठा की सीट रही, अब जुड़ी है भाजपा की प्रतिष्ठा से, जानें दुमका विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा

Updated at : 14 Dec 2019 7:28 AM (IST)
विज्ञापन
कभी झामुमो के लिए प्रतिष्ठा की सीट रही, अब जुड़ी है भाजपा की प्रतिष्ठा से, जानें दुमका विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा

आनंद जायसवाल कुल वोटर 246691 पुरुष वोटर 124330 महिला वोटर 122360 दुमका : दुमका विधानसभा क्षेत्र से 2014 के चुनाव में मुख्यमंत्री के पद पर रहते झामुमो नेता हेमंत सोरेन भाजपा की प्रत्याशी डा लोईस मरांडी से हार गये थे. दुमका पहले झामुमो के लिए प्रतिष्ठा की सीट रही थी, अब यह सीट भाजपा की […]

विज्ञापन
आनंद जायसवाल
कुल वोटर
246691
पुरुष वोटर
124330
महिला वोटर
122360
दुमका : दुमका विधानसभा क्षेत्र से 2014 के चुनाव में मुख्यमंत्री के पद पर रहते झामुमो नेता हेमंत सोरेन भाजपा की प्रत्याशी डा लोईस मरांडी से हार गये थे. दुमका पहले झामुमो के लिए प्रतिष्ठा की सीट रही थी, अब यह सीट भाजपा की प्रतिष्ठा से भी जुड़ गयी है. झामुमो इस सीट पर अपनी पुरानी साख को स्थापित करने की जुगत में है, तो भाजपा इस सीट पर मिली जीत को बरकरार रखने में. लिहाजा इस विधानसभा क्षेत्र को हाइ प्रोफाइल क्षेत्र माना जाता है.
यहां 2014 से पहले भाजपा को जनप्रतिनिधित्व करने का अवसर नहीं मिला था. झामुमो के गढ़ में पहली बार मिली जीत और मुख्यमंत्री को पराजित करने के आधार पर डॉ लोईस रघुवर दास के मंत्रिमंडल में कल्याण मंत्री बनी थीं. इस क्षेत्र में पांचवें और अंतिम चंरण में 20 दिसंबर को चुनाव होना है. इस सीट से 1962 में झारखंड पार्टी के पाउल मुर्मू निर्वाचित हुए थे, तो 1967 में भारतीय जनसंघ के गोपाल मरांडी विजयी हुए. 1969 और 1972 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर स्वाधीनता आंदोलन में लाल बाबा के साथ अग्रणी भूमिका निभाने वाले पायका मुर्मू विजयी रहे.
वहीं 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर महादेव मरांडी ने जीत दर्ज कर कांग्रेस से यह सीट छीन ली और बिहार में मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर में मंत्रिमंडल मे सूचना और जनसंपर्क विभाग के मंत्री बने. लेकिन 1980 में झामुमो के टिकट पर प्रो स्टीफन मरांडी पहली बार विधायक बने. प्रो स्टीफन 1985, 1990, 1995 और 2000 के चुनाव में भी झामुमो के टिकट पर लगातार पांच बार निर्वाचित होते रहे. जबकि 2005 में झामुमो ने प्रो मरांडी का टिकट काटकर हेमंत सोरेन को पहली बार इस क्षेत्र से मैदान में उतारा. 2005 में प्रो मरांडी नगाड़ा छाप लेकर निर्दलीय मैदान में उतरे और विजयी हुए.
तीन महत्वपूर्ण कार्य जो हुए
1. दुमका में मेडिकल कॉलेज खुला
2. आर्चरी अकादमी और केवी खुले
3. पूरे क्षेत्र में कई नयी सड़कें बनी
तीन महत्वपूर्ण कार्य जो नहीं हुए
1. सिंचाई के साधन मुकम्मल नहीं हुए
2. गांदो को प्रखंड का दरजा नहीं मिला
3. उद्योग-धंधे विकसित नहीं हो सके
पांच साल में काम ही काम हुए
भाजपा प्रत्याशी सह कल्याण मंत्री लोइस मरांडी ने कहा कि पांच साल में दुमका में कई काम हुए और शहर को उपराजधानी के अनुरूप विकास को गति मिली. गांवों में शुद्ध पेयजल मिला, घर-घर बिजली मिली. मेडिकल कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय, तीरंदाजी अकादमी खुले.
टूटी सड़क की नहीं हो रही मरम्मत
झामुमो प्रत्याशी और पिछली चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे हेमंत सोरेन ने कहा कि दुमका में हमने जो योजनाएं शुरू की थीं, उसे भी इस सरकार ने आगे नहीं बढ़ाया. बनी हुई सड़कों की मरम्मत तक नहीं करायी गयी. दुमका में आधारभूत बुनियादी सुविधाओं का अभाव है.
2005
जीते : प्रो स्टीफन मरांडी, निर्दलीय
प्राप्त मत : 41340
हारे : मोहरील मुर्मू, भाजपा
प्राप्त मत : 35993
तीसरा स्थान : हेमंत सोरेन, झामुमो
प्राप्त मत : 19610
2009
जीते : हेमंत सोरेन, झामुमो
प्राप्त मत : 35129
हारे : लोइस मरांडी, भाजपा
प्राप्त मत : 32460
तीसरा स्थान : प्रो स्टीफन मरांडी, कांग्रेस
प्राप्त मत : 27256
2014
जीते : लोइस मरांडी, भाजपा
प्राप्त मत : 69760
हारे : हेमंत सोरेन, झामुमो
प्राप्त मत : 64845
तीसरा स्थान : बबलू कु मुर्मू, झाविमो
प्राप्त मत : 4552
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola