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दुमका संसदीय सीट : ....जब प्रभात चौपाल में शिबू सोरेन और सुनील सोरेन से पूछे गये ये पांच सवाल, जानें जवाब

Updated at : 01 May 2019 8:27 AM (IST)
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दुमका संसदीय सीट : ....जब प्रभात चौपाल में शिबू सोरेन और सुनील सोरेन से पूछे गये ये पांच सवाल, जानें जवाब

दुमका लोकसभा सीट से नौवीं बार झामुमो के अध्यक्ष शिबू सोरेन चुनाव मैदान में है. उनके प्रतिद्वंद्वी भाजपा के सुनील सोरेन हैं. 2014 के चुनाव में शिबू सोरेन ने भाजपा के सुनील सोरेन और झाविमो के बाबूलाल मरांडी को हरा दिया था. इस बार शिबू सोरेन और सुनील सोरेन के बीच सीधा मुकाबला है. शिबू […]

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दुमका लोकसभा सीट से नौवीं बार झामुमो के अध्यक्ष शिबू सोरेन चुनाव मैदान में है. उनके प्रतिद्वंद्वी भाजपा के सुनील सोरेन हैं. 2014 के चुनाव में शिबू सोरेन ने भाजपा के सुनील सोरेन और झाविमो के बाबूलाल मरांडी को हरा दिया था. इस बार शिबू सोरेन और सुनील सोरेन के बीच सीधा मुकाबला है.
शिबू सोरेन आठ बार लोकसभा, एक बार राज्यसभा, दो बार विधायक रह चुके हैं. केंद्र में मंत्री और राज्य में मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं. जबकि दूसरी ओर सुनील सोरेन के पास एक बार विधायक बनने का अनुभव है. प्रभात खबर ने दुमका के विकास को लेकर दोनों प्रत्याशियों के विजन को जानने का प्रयास किया है. दोनों से एक ही तरह के पांच सवाल किये गये हैं. जानिए क्या है उनका जवाब. दुमका से आनंद जायसवाल की रिपोर्ट.
शिक्षा, स्वास्थ्य व खेतों को पानी प्राथमिकता : शिबू सोरेन
A 1. शोषण के खिलाफ हमने लगातार संघर्ष किया है और जनता को जागृत कर उन्हें उनके अधिकारों से परिचित कराया है. आज झारखंड की जनता अन्याय, अत्याचार के खिलाफ बोल सकती है. जनता के साथ मैं हमेशा रहा हूं. इसलिए जनता मुझे लगातार चुनती रही है. आदर-सम्मान देती रही है. इस बार भी हमें ही चुनेगी.
A 2. युवावस्था से हमने संघर्ष किया. झारखंडियों की आवाज बना. बिहार के समय होने वाले शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए अलग झारखंड हमने लड़ कर लिया. लोग भी हमें आंदोलन का अगुवा मानते हैं. आज राज्य मिल गया, लेकिन उसे आज सपनों के अनुरूप सजाने की चुनौती है. इस चुनौती को लेकर जनता की उम्मीद जिस तरीके की रही है, उन दुख, तकलीफ और मुसीबत में भी आज भी वे हमें अपना अभिन्न अंग मानते हैं. मैंने भी अपना जीवन जनता के लिए समर्पित किया है. अंतिम सास तक उनके लिए समर्पित रहूंगा.
A 3. क्षेत्र के लिए हमारी प्राथमिकता कृषि के लिए 365 दिन पानी की उपलब्धता व प्रत्येक को बेहतर शिक्षा है. बंद स्कूलों को चालू करवाने का काम किया जायेगा. शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए शिक्षकों की कमी दूर कराने की भी कोशिश होगी.
A 4. मसानजोर का दायांतट नहर का निर्माण तथा उपराजधानी में उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल हमारी प्राथमिकता होगी. जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए एसपीटी-सीएनटी को सख्ती से लागू कराना भी हमारा लक्ष्य होगा.
A 5. संसद में इस क्षेत्र के लिए उच्च न्यायालय के खंडपीठ की स्थापना, सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने तथा विस्थापन-पुर्नवास व नियोजन की नीति बनवाने की दिशा में काम करुंगा.
1़ जनता आपको क्यों चुने?
2़ आप दूसरे प्रत्याशी से किस मायने में अलग हैं?
3़ आपकी क्या प्राथमिकता होगी?
4़ ऐसा आप क्या नया करेंगे, जो अब तक क्षेत्र में नहीं हुआ?
5. संसद में क्षेत्र के कौन-कौन से मुद्दे और समस्याएं आपकी प्राथमिकताएं होंगी?
छोटे रोजगार-धंधे और खेती की सुविधा विकसित करेंगे : सुनील सोरेन
A 1. जनता विकास चाहती है, सर्वांगीण विकास चाहती है. अब तक यहां से जो जनप्रतिनिधि लोकसभा में रहे हैं, उन्होंने विकास का काम नहीं किया. जनता ने काफी लंबा समय उन्हें दिया. अब जनता बदलाव चाहती है.
A 2. जो प्रत्याशी यहां से चुने जाते रहे हैं. उन्होंने केवल वोट लेने का काम किया. मैं काम करके दिखाना चाहता हूं. शिबू सोरेन की उम्र हो चुकी है. जो संसद के लिए चुने जाने के बाद भी सदन जा नहीं पाते, ऐसे प्रत्याशी को जनता संसद में भेज कर क्या करेगी? वे विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं कि लोकसभा का, अब तो यह भी उन्हें पता नहीं रहता. हम नौजवान हैं. सदन में आवाज उठायेंगे. इलाके का विकास करेंगे. जनता की हर उम्मीदों-आकांक्षाओं को पूरा करके दिखायेंगे.
A 3. हमारी प्राथमिकता इस इलाके में रेल सुविधाओं के विस्तार की होगी. इलाका पिछड़ा हुआ है. हाइकोर्ट बेंच नहीं बन पाया. दुमका में यह सुविधा मिले, यह मांग दो दशक पुरानी होने जा रही है. हाइकोर्ट बेंच बनने से इलाके के लोगों को बड़ी राहत होगी. इसलिए मैं इसे अपनी प्राथमिकताओं में रखा हूं. शिक्षा से जुड़े संस्थान विकसित कराने का प्रयास भी होगा, ताकि मेधा का पलायन दूसरे राज्यों में न हो.
A 4. दुमका संसदीय क्षेत्र में सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं हुई है. जबकि, आजीविका का बहुत बड़ा साधन कृषि है. खेत सूने रह जाते हैं. पटवन के साधन होंगे, तो खेत-खलिहान में हरियाली होगी और किसानों के चेहरे पर मुस्कुराहट. स्वास्थ्य के क्षेत्र में हम पिछड़े हुए हैं. अच्छा अस्पताल नहीं होने की वजह से परेशानी होती है. जनता को इस समस्या से भी निजात दिलाऊंगा.
A 5 . रोजगार का संकट बहुत बड़ी समस्या है. किसान तीन महीने खेती करते हैं. नौ महीने पलायन करते हैं. पलायन रुके, इसके लिए सालों भर बहुफसली कृषि को लेकर आवश्यक संसाधन विकसित कराने तथा छोटे रोजगार-धंधे विकसित कराने का प्रयास भी करूंगा.
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