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दुमका : मंत्री के घर के सामने धरना दे रहे पारा शिक्षक की मौत, दो शिक्षकों की पहले हो चुकी है मौत

Updated at : 17 Dec 2018 7:23 AM (IST)
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दुमका : मंत्री के घर के सामने धरना दे रहे पारा शिक्षक की मौत, दो शिक्षकों की पहले हो चुकी है मौत

रांची/दुमका : राज्य की महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी के हथियापाथर स्थित घर के सामने धरना दे रहे पारा शिक्षक कंचन कुमार दास की रविवार को मौत हो गयी. उत्क्रमित मध्य विद्यालय चीनाडंगाल में कार्यरत कंचन मूल रूप से दुमका के रामगढ़ प्रखंड के भदवारी गांव के रहनेवाले थे. पारा […]

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रांची/दुमका : राज्य की महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी के हथियापाथर स्थित घर के सामने धरना दे रहे पारा शिक्षक कंचन कुमार दास की रविवार को मौत हो गयी.
उत्क्रमित मध्य विद्यालय चीनाडंगाल में कार्यरत कंचन मूल रूप से दुमका के रामगढ़ प्रखंड के भदवारी गांव के रहनेवाले थे. पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने मृत शिक्षक के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है. उल्लेखनीय है कि पारा शिक्षक अपनी मांगों को लेकर 16 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. आंदोलन के क्रम में घेरा डालो-डेरा डालो कार्यक्रम के तहत पारा शिक्षक विधायक व मंत्री के आवास का घेराव कर रहे हैं.
शनिवार की शाम धरना में शामिल होने पहुंचे थे कंचन : कंचन शनिवार की देर शाम मंत्री डॉ लुईस मरांडी के आवास के समक्ष धरना देने पहुंचे थे. रात में वह अपने साथियों के साथ वहीं सो गये थे. रविवार की सुबह सात बजे तक जब वह सो कर नहीं उठे, तो धरना दे रहे सहकर्मी उन्हें उठाने गये. उन्होंने कंचन को उठाने का प्रयास किया तो देखा कि उनका पूरा शरीर अकड़ा हुआ था. शीघ्र उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया. वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनके नाक से भी खून निकल रहा था. डॉ दिलीप कुमार भगत ने बताया कि मौत की वजह का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही हो पायेगा. पारा शिक्षक युधीर मंडल ने बताया कि कंचन रात करीब 10.00 बजे धरनास्थल पर पहुंचा था. थोड़ी देर तक उसने बातचीत की. इसके बाद कंचन कंबल ओढ़ कर सो गये.
आंदोलन के दौरान तीन पारा शिक्षकों की हो चुकी है मौत : एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के संजय दुबे ने कहा है कि आंदोलन के दौरान तीन पारा शिक्षकों की मौत हो चुकी है. इससे पूर्व रामगढ़ की पारा शिक्षिका जीनत खातून की भी धरना के दौरान तबीयत खराब हो गयी थी, जिनकी बाद में मौत हो गयी. हजारीबाग के पारा शिक्षक बहादुर ठाकुर की भी मौत आंदोलन के क्रम में हो गयी.
25 लाख मुआवजा व नौकरी की मांग
एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के राज्य कमेटी के सदस्य मोहन मंडल ने कहा : घटना दुखद है. मृतक के परिजनों को अविलंब 25 लाख का मुआवजा मिलना चाहिए. परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को हठधर्मिता छोड़ कर सकारात्मक पहल करनी चाहिए.
24 से विधायक आवास के समक्ष करेंगे भूख हड़ताल
राज्य के पारा शिक्षकों ने अपने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है. पारा शिक्षक 24 दिसंबर से विधायक आवास के समक्ष भूख हड़ताल करेंगे. पारा शिक्षकों का दावा है कि राज्य के सभी 67 हजार पारा शिक्षक हड़ताल पर हैं, जबकि परियोजना का कहना है कि दस हजार पारा शिक्षक काम पर वापस लौट गये हैं.
मंत्री आवास के समक्ष बढ़ायी गयी सुरक्षा
पारा शिक्षक कंचन की मौत के बाद मंत्री डॉ लुईस मरांडी के हथियापाथर स्थित आवास के समक्ष सुरक्षा बढ़ा दी गयी है.राजमहल सांसद विजय हांसदा व जामा विधायक सीता सोरेन पहुंचे : घटना की जानकारी मिलने पर राजमहल से झामुमो के सांसद विजय हांसदा और विधायक सीता सोरेन यज्ञ मैदान पहुंचे, जहां कंचन के शव को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए रखा गया था. दोनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की.
धरनास्थल पर नहीं ले जाने दिया गया शव : रविवार की सुबह पारा शिक्षक कंचन का दुमका में पोस्टमार्टम कराया गया. पोस्टमार्टम के बाद प्रशासन शव को उसके गांव भेजने की तैयारी में जुट गया. पारा शिक्षकों ने इसका विरोध किया. उन्होंने कहा कि वे अपने साथी के शव को आंदोलनस्थल पर ले जायेंगे. वहां उन्हें श्रद्धांजलि दी जायेगी. प्रशासन ने इससे इंकार कर दिया, तो पारा शिक्षकों ने उनसे सहयोग करने की अपील की. वहां मौजूद पुलिसवालों से कहा, आंदोलन कर रहे पारा शिक्षकों पर लाठी नहीं, गोली चलाइये. हम अपने साथी का शव आंदोलन स्थल पर ले जाकर रहेंगे. अंतत: प्रशासनिक पहल पर कंचन के शव को पारा टीचर्स यज्ञ मैदान में श्रद्धांजलि देने के लिए लेते गये.
मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम : कंचन के शव के पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया. तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड में डॉ एसपी गावस्कर, डॉ पंकज बिराजी व डॉ लखन सोरेन शामिल थे. पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करायी गयी.
सीएम के लौटने पर सकारात्मक पहल करूंगी : लुईस
पारा शिक्षक कंचन कुमार दास के निधन की खबर पर मंत्री डॉ लुईस मरांडी ने कहा कि रांची में उन्हें दुमका से सुबह जब पारा शिक्षक के तबीयत खराब होने व अस्पताल ले जाये जाने की जानकारी हुई, तो उन्होंने प्रशासन को उनका समुचित इलाज कराने को कहा था.
यह दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण है. कंचन के निधन से बेहद दुखी हूं. पारा शिक्षकों के साथ उनकी सहानुभूति रही है. मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से लौटते के साथ वे इस गंभीर विषय को उनके समक्ष फिर से रखूंगी. सकारात्मक पहल का प्रयास करूंगी.
हठधर्मिता छोड़ कर वार्ता से समाधान निकालें : सीपी सिंह
जमशेदपुर. नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने जमशेदपुर में रविवार को कहा कि पारा शिक्षकों के मामले में सरकार और पारा शिक्षक दोनों पक्षों को हठधर्मिता छोड़ कर आपसी वार्ता के जरिये समस्या का समाधान करना चाहिए. सिंह जमशेदपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पारा शिक्षकों के मुद्दे पर अपनी बात कह रहे थे.
शनिवार की शाम कंचन पहुंचे थे धरनास्थल पर
कंचन कुमार दास मूल रूप से दुमका के रामगढ़ प्रखंड के भदवारी गांव के रहनेवाले थे
रात में कंबल ओढ़कर सोये, सुबह हो गयी मौत
पिता बोले : आंदोलनरत साथियों के लिए चावल लेकर आया था कंचन : बेटे की मौत की जानकारी मिलने पर पिता अखिलेश दास सदर अस्पताल पहुंचे. उनका रो रोकर बुरा हाल था. उन्होंने बताया कि कंचन लगभग 10 साल पहले पारा शिक्षक बना था. उसने धरना में शामिल साथियों के लिए पैतृक गांव से चावल लेकर आया था, ताकि आंदोलन जारी रह सके.
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