एसपी अमरजीत बलिहार मामले में सजा सुनाये जाने के दौरान जज ने कहा, इन्हें फंदे से तबतक लटकाया जाये, जबतक मृत्यु न हो

पाकुड़ एसपी या डीआइजी आवास के कुछ लोगों के साथ नक्सलियों ने रची थी साजिश दुमका कोर्ट : चतुर्थ जिला एवं सत्र न्यायाधीश तौफिकुल हसन ने कहा कि प्रवीर दा एवं सनातन बास्की ने पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार और उनके साथ लौट रहे पांच जवानों की हत्या के लिए जो साजिश रची, उसमें […]
पाकुड़ एसपी या डीआइजी आवास के कुछ लोगों के साथ नक्सलियों ने रची थी साजिश
दुमका कोर्ट : चतुर्थ जिला एवं सत्र न्यायाधीश तौफिकुल हसन ने कहा कि प्रवीर दा एवं सनातन बास्की ने पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार और उनके साथ लौट रहे पांच जवानों की हत्या के लिए जो साजिश रची, उसमें पाकुड़ एसपी के आवास या डीआईजी आवास के कुछ लोगों का साथ लेकर यह साजिश रची. यह खबर लेते रहे कि पाकुड़ एसपी निकले की नहीं. ऐसा एंबुश किया जहां गाड़ी की गति धीमी होनी तय थी. डायवर्सन बना था. गाड़ी रुकी तो पीछे के दाये तरफ, आगे से भी ताबड़तोड़ गोलियां मारी गयी. एसपी व अन्य जवान शहीद हो गये तो उसपर भी नहीं रुके.
मरने के बाद भी नजदीक जाकर एसपी के दायें हाथ में गोली मार दी. नजदीक से गोली मारे जाने की वजह से एसपी के हाथ जल गये थे. पुलिस जवान मनोज हेंब्रम और चंदन थापा को भी मरे हुए हालत में हथियार सटाकर गोलियां चलायी. चंदन थापा के शरीर में बारूद का अंश था. दोनों के शवों को क्षत-विक्षत कर दिया गया था.
फंदे से तबतक लटकाया जाये, जबतक मृत्यु न हो
दुमका : चतुर्थ जिला एवं सत्र न्यायाधीश तौफिकुल हसन ने सजा का ऐलान करने से पहले प्रवीर दा एवं सनातन बास्की से पूछा कि क्या वे अदालत के निर्णय को अंग्रेजी में समझा सकते हैं. दोनों ने सिर हिलाया और नहीं का इशारा किया. ऐसे में जज ने कहा कि जेल में रहने के बाद तो लोग बैरिस्टर हो जाते हैं.
अदालत में पूरा सन्नाटा था. जैसे ही चतुर्थ जिला एवं सत्र न्यायाधीश तौफिकुल हसन ने कहा कि आपने जघन्यतम अपराध किया है, आपको जीने का अधिकार नहीं बनता. दोनों स्तब्ध हो गये. जज ने आगे कहा : उन्हें फंदे से तबतक लटकाया जाये, जबतक उनकी मृत्यु न हो जाये.
पहले आइपीएस को मारा, कल वकील को मारेगा : जज
दुमका कोर्ट : पाकुड़ के पूर्व एसपी अमरजीत बलिहार की हत्या मामले के मुख्य आरोपी प्रवीर दा उर्फ सुखलाल मुर्मू के वकील ने कोर्ट से अपील की कि उनके मुवक्किल को मृत्युदंड न दें. प्रवीर दा के वकील मो राजा खान ने कोर्ट से कहा कि उनके मुवक्किल की उम्र अभी मात्र 38 वर्ष है. वह चार साल से जेल में है. इसलिए उसे एक मौका मिलना चाहिए.
दूसरी आेर, अपर लोक अभियोजक सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा ने अभियोजन पक्ष की ओर से बहस में कहा कि उम्र का बचाव सही नहीं है, क्योंकि कम उम्र में ही लोग ज्यादा अपराध करते हैं. एसपी ने कोई सर्च ऑपरेशन नहीं किया था, बल्कि दुमका से मीटिंग करके जा रहे थे. इसलिए इन दोनों को मृत्युदंड देना चाहिए. इस पर कोर्ट ने कहा कि प्रवीर न तो जवान है, न ही बूढ़ा. पहले आइपीएस को मार डाला. कल वकील को मारेगा, फिर परसों जज को मारेगा.
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