Dhanbad News : मरीज की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा, तोड़फोड़

Updated at : 03 Feb 2025 1:49 AM (IST)
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Dhanbad News : मरीज की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा, तोड़फोड़

नावाडीह स्थित असर्फी अस्पताल में सात घंटे तक अस्पताल में चलता रहा हंगामा, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

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मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने रविवार को नावाडीह स्थित असर्फी अस्पताल में जमकर हंगामा किया. चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ भी की. हंगामे की सूचना पर धनबाद थाना की पुलिस पहुंची, लेकिन आक्रोशितों को समझाने में नाकाम रही. हंगामा बढ़ता गया. बाद में वरीय अधिकारियों के निर्देश पर धनबाद के अलावा सरायढेला, बैंकमोड़, बरवाअड्डा थाना तथा पुलिस लाइन से जवानों को अस्पताल भेजा गया. काफी मशक्कत के बाद अस्पताल प्रबंधन व मृतक के परिजनों के बीच समझौते के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. अस्पताल में करीब सात घंटे तक हंगामा चलता रहा.

सड़क हादसे में घायल सिंदरी बस्ती के दिलीप मंडल की हो गयी मौत :

सड़क दुर्घटना में घायल सिंदरी बस्ती निवासी दिलीप कुमार मंडल (52 वर्ष) को असर्फी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. वह कुछ दिन पूर्व झरिया-बलियापुर-गोविंदपुर मार्ग पर सिंदरी स्थित खालसा मोड़ के समीप सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गये थे. उसे पहले एसएनएमएमसीएच तथा बाद में असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. असर्फी अस्पताल में इलाज के क्रम में रविवार तड़के उसकी मौत हो गयी. इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. पूर्व में जमा करायी गयी राशि लौटाने के बाद शांत हुआ मामला : हंगामे की सूचना पर पहुंची चार थानों की पुलिस के अधिकारियों, अस्पताल प्रबंधन व मृतक के परिजनों के बीच समझौता वार्ता हुई. इसमें बिल तीन लाख रुपये माफ करने, परिजनों द्वारा पूर्व में जमा कराये गये डेढ़ लाख रुपये वापस लौटाने तथा मृतक का अंतिम संस्कार के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा 50 हजार रुपये देने पर सहमति के बाद मामला शांत हुआ.

इलाज में लापरवाही का आरोप गलत :

मरीज की स्थिति पहले से गंभीर थी. इसकी जानकारी पहले ही उसके परिजनों को दी गयी थी. परिजनों ने इससे संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किया था. अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप पूरी तरह गलत है. मरीज के परिजनों की आर्थिक स्थिति की जानकारी मिलने पर बिल माफ किया गया है और सहायता राशि भी प्रदान की गयी है.

डॉ स्वाति

, को-ऑर्डिनेटर, असर्फी अस्पताल

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