Dhanbad News: अलकतरा घोटाला में जूनियर इंजीनियर समेत तीन हुए रिहा
Published by : ASHOK KUMAR Updated At : 07 Jan 2026 1:36 AM
15 वर्ष पुराने चर्चित अलकतरा घोटाला में मंगलवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश विजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने फैसला सुनाया.
15 वर्ष पुराने चर्चित अलकतरा घोटाला में मंगलवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश विजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने फैसला सुनाया. अदालत ने नामजद आरोपी चतरा रोड डिवीजन के जूनियर इंजीनियर अशोक कुमार, सहायक इंजीनियर ब्रह्मानंद पाण्डेय एवं सावित्री कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर सुरेंद्रनाथ भारती को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया. अभियोजन की ओर से सीबीआइ आरोप सिद्ध करने में असफल रही. फैसला सुनाये जाने के समय तीनों आरोपी सशरीर हाजिर थे.
सीबीआइ की भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ने दर्ज की थी प्राथमिकी
ज्ञात हो कि सीबीआइ की भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ने चतरा के करमा से महुदी के बीच बने 6.65 किलोमीटर सड़क निर्माण में घोटाला का आरोप लगाते हुए वर्ष 2010 में प्राथमिकी दर्ज की थी. इसके मुताबिक सड़क निर्माण के लिए अलकतरा का उठाव आइओसीएल से करना था. जबकि ठेकेदार ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर बिना अलकतरा उठाये ही फर्जी बिल के सहारे विभाग से भुगतान प्राप्त कर लिया था. इससे विभाग को 21 लाख 31 हजार 5 सौ रुपये का नुकसान हो गया. सीबीआइ ने आरोप लगाया था कि ठेकेदार ने कुल सात बिल दिये थे, जिसमें से पांच बिल फर्जी मिले थे. अनुसंधान के बाद सीबीआइ ने इस मामले में 7 जून 2011 को आरोप पत्र दायर किया था. सुनवाई के दौरान मामले के नामजद अभियुक्त आरोपी कार्यपालक अभियंता चतरा रोड डिवीजन रत्नेश्वर राय की मौत हो गयी थी, ऐसे में उनका मुकदमा बंद कर दिया गया था.
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