DHANBAD NEWS : आठ माह में जिले के 21661 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ फेल, हुई कोई घटना, तो नहीं मिलेगा कोई लाभ
Author Prabhat khabar news desk
Updated:
विज्ञापन

वाहनों का री-रजिस्ट्रेशन कराने में दिलचस्पी नहीं ले रहे लोग, सिर्फ 4145 का हुआ री-रजिस्ट्रेशन, 21,819 बाइक व 3987 कार का रजिस्ट्रेशन हुआ फेल, अक्टूबर में सर्वाधिक 3026 व दूसरे पर नवंबर में 2354 वाहनों का रजिस्ट्रेशन फेल
विज्ञापन
धनबाद जिले में जनवरी 2024 से अब तक कुल 25806 निजी वाहनों का रजिस्ट्रेशन फेल हो चुका है. इनमें 21,819 बाइक व 3987 कार का रजिस्ट्रेशन फेल हुआ. इसमें से सिर्फ 4145 वाहन मालिकों ने ही री-रजिस्ट्रेशन कराया है. बाकी वाहनों को सड़क पर चलने की इजाजत नहीं है. बावजूद इसके कई वाहन सड़क पर दिख जायेंगे, जिनका रजिस्ट्रेशन फेल है. फर्राटा भरती रजिस्ट्रेशन फेल गाड़ियों से हमेशा हादसों का खतरा रहता है. इनपर कार्रवाई भी नहीं होती है.
क्या है प्रावधान :
15 साल पुराने वाहनों काे सड़क पर चलाने की इजाजत नहीं है. यदि उसे चलाना है, तो वाहनों का री-रजिस्ट्रेशन कराना होगा. वाहन मालिक अपने वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट ले कर अगले पांच साल के लिए दुबारा रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इसके बाद ही वाहन का इंश्योरेंस हो पायेगा. फिलहाल 2024 में फेल 21,661 निजी वाहनों का दुबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है.अक्टूबर माह में सबसे अधिक वाहनों को फेल हुआ का रजिस्ट्रेशन :
अक्टूबर माह में सर्वाधिक 3026 वाहनों का रजिस्ट्रेशन फेल हुआ है. वहीं जनवरी माह में सबसे कम 1596 वाहनों का रजिस्ट्रेशन फेल हुआ है. फरवरी में 1999, मार्च में 1985,अप्रैल में 1763, मई में 2223, जून में 2119, जुलाई में 2289, अगस्त में 1972, सितंबर में 2054 व नवंबर में 2354 वाहनों का रजिस्ट्रेशन फेल हो गया. वहीं दिसंबर माह में 2421वाहनों का रजिस्ट्रेशन फेल हो जायेगा.क्या होगा नुकसान :
अगर किसी गाड़ियों का री-रजिस्ट्रेशन नहीं गया है, तो परिवहन विभाग पकड़कर उसे सीधे स्क्रैप कर देगा. इस वाहन से यदि दुर्घटना होती है, तो इंश्योरेंस का लाभ भी नहीं मिलेगा. नुकसान का हर्जाना वाहन मालिक को भरना पड़ेगा.जिम्मेदार ने क्या कहा :
15 साल पुराने वाहन अगर सड़क पर चलते हैं, तो उन्हें जब्त करने व चालान करने का प्रावधान है. इसका उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों की संख्या कम करना है. हालांकि जिन वाहनों का रजिस्ट्रेशन फेल होगा, उनके मालिकों को पांच साल के लिए री-रजिस्ट्रेशन कराने का विकल्प दिया गया है. वाहन मालिक जल्द से जल्द अपने वाहनों को परिवहन विभाग के कार्यालय आकर री-रजिस्ट्रेशन करवा लें.दिवाकर सी दिवेदी
, जिला परिवहन पदाधिकारीडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










