झारखंड में किसानों को 72 घंटे में मिलने हैं धान के पैसे, 45 दिनों बाद भी फूटी कौड़ी नहीं, ऑफिस का चक्कर काट रहे अन्नदाता

Updated:
विज्ञापन

धान

Paddy Purchase: धान खरीद पर 72 घंटे के अंदर किसानों को पैसे का भुगतान करना है, लेकिन धनबाद जिले में 45 दिन बाद भी पैसे नहीं मिले हैं. पैक्सों को धान बेचने के बाद किसान भुगतान के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगा रहे हैं. 203 किसानों को धान का पैसा नहीं मिला है. इनका कहना है कि सरकार धान लेकर पैसे देना भूल गयी.

विज्ञापन

Paddy Purchase: बरवाअड्डा (धनबाद) हीरालाल पांडेय-धनबाद जिले के पैक्सों से सरकार ने धान तो खरीद लिया, लेकिन किसानों को उसकी कीमत देना भूल गयी. डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी बिराजपुर पैक्स के सौ, ओझाडीह, कटनियां पैक्स के 40 किसानों को धान बिक्री का एक रुपया भी नहीं मिला. जिले में कुल 203 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने पैक्सों में धान बेचा, लेकिन इन्हें भुगतान नहीं किया गया. इससे नाराज किसान पैक्स, प्रखंड व जिला कार्यालय का रोज चक्कर लगा रहे हैं. सभी जगह किसानों को सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है.

आपके शहर में

विज्ञापन

72 घंटे में भुगतान का है नियम


पैक्सों में धान बेचने के 72 घंटे के भीतर कुल बेचे गये धान का प्रथम किस्त (आधी राशि) देने की घोषणा सरकार ने की थी. वहीं दूसरी किस्त एक सप्ताह अंदर भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन डेढ़ से दो माह बीतने के बाद भी किसानों को फूटी कौड़ी तक नहीं मिली.

पैक्सों में धान खरीद और भुगतान की प्रक्रिया


रजिस्टर्ड किसान अपनी उपज का धान पैक्सों के माध्यम से सरकार को बेचते हैं. फिर राइस मिल वाले पैक्स से धान का उठाव कर मिल ले आते हैं. राइस मिल अगर पैक्सों से एक हजार क्विंटल धान उठाव करता है, तो 680 क्विंटल चावल एफसीआइ में जमा करना होता है. पैक्स से धान उठाव से लेकर एफसीआइ में चावल जमा करने की प्रक्रिया मिल वाले को एक सप्ताह के अंदर हर हाल में पूरा कर लेने का नियम है. ताकि किसानों को समय पर भुगतान मिल सके.

धान खरीद का लक्ष्य नहीं हुआ पूरा


सरकार की और से जारी आदेश में बिराजपुर पैक्स को 40 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है. लेकिन अभी तक 366 किसानों से मात्र 87 सौ क्विंटल धान की ही खरीद हो सकी है. बिराजपुर पैक्स कार्यकारिणी समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों का कहना है कि समय पर किसानों को भुगतना नहीं मिलने के कारण किसान पैक्सों में धान नहीं बेचना चाहते हैं. किसान परेशान होकर बिचौलियों के हाथों धान बेचने को विवश हैं.

ये भी पढ़ें: झारखंड में नाबालिग से हैवानियत, दरिंदों ने शादी समारोह से अगवा कर किया सामूहिक दुष्कर्म, सभी 6 अरेस्ट

2400 रुपये क्विंटल है धान की कीमत


धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. राज्य सरकार एक सौ रुपये बोनस भी प्रति क्विंटल किसानों को देती है. किसानों को एक क्विंटल धान के 2400 रुपये मिलते हैं. पूरा भुगतान राज्य सरकार करती है.

आवंटन आते ही राशि का होगा भुगतान-डीएसओ


धनबाद के डीएसओ प्रदीप शुक्ला ने कहा कि धान खरीद के बाद भुगतान से पहले पैक्स अध्यक्ष एवं प्रबंधक की रिपोर्ट का सत्यापन कराया जाता है. धान खरीद के बाद राशि भगुतान के लिए अब तक आवंटन नहीं आया है. जांच के बाद आवंटन आते ही सभी किसानों के राशि का भुगतान कर दिया जाएगा.

बिराजपुर पैक्स में सौ किसानों को नहीं मिला भुगतान


बिराजपुर पैक्स में कुल 366 किसानों ने 87 सौ क्विंटल धान बेचा है. इसमें एक सौ किसानों को अभी तक भुगतान नहीं मिला है. किसान नाराज हैं. उनका कहना है कि पैक्स में धान बेचने के 72 घंटे के अंदर पहली किस्त की राशि देने की घोषणा की गयी थी. फिर पहली किस्त भी क्यों नहीं मिली.

कृषि कार्य पर हो रहा है असर


किसानों ने खेत जोतने के साथ सिंचाई का काम शुरू कर दिया है. गोबर का खाद भी खेत में डाला जा रहा है. ऐसे में किसानों को धान की राशि का भुगतान नहीं मिलने से खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है.

इन किसानों को नहीं मिला भुगतान


देवानंद भारद्वाज, टिकैत कुम्हार, पंचानन महतो, हाकिम रजवार, लक्ष्मी महतो, रामसागर चौधरी, बिनोद बिहारी महतो, अनुप भारद्वाज, लखन चौधरी, सीताराम साव, दारा प्रसाद, डालूराम महतो, केशव महतो, जय प्रकाश महतो, सरयू महतो, मनोहर साव, करमचंद महतो, हाड़ीराम पांडेय, भूषण महतो, गोविंद प्रसाद, भागीरथ महतो, दयाल महतो, रामकुमार महतो, बसंत राय, अधीर सिंह चौधरी, अनिल कुमार महतो, मनोज महतो, अर्जुन महतो, शिव चरण महतो, वेनीराम महतो, अंबुज महतो, केशव राम महतो समेत बरवाअड्डा क्षेत्र के सौ किसानों व ओझाडीह, कटनियां पैक्स से जुड़े किसान सरला देवी, युगल किशोर महतो, भोलानाथ महतो, आनंद प्रसाद महतो, आला देवी समेत 40 किसानों को एक रुपये भी भुगतान नहीं मिला है.

क्या कहते हैं किसान


बिराजपुर पैक्स में दो माह पूर्व 46 क्विंटल धान बेचा था, लेकिन अभी तक एक रुपया नहीं मिला. सरकार ने 72 घंटे के अंदर पहली किस्त देने की बात कही थी, जो नहीं मिली. किसानों को देखनेवाला कोई नहीं है.

ये भी पढ़ें: झारखंड में भी है ‘रावण की नगरी’, रामायण काल से अलग कलाकारों का है गांव, इनका झूमर देखने उमड़ती है भीड़

विज्ञापन
Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola