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विवाह भवन के पानी के भरोसे बनाया जाता है एमडीएम, शौच लगे तो भागना पड़ता है घर

Updated at : 07 Apr 2024 1:55 AM (IST)
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विवाह भवन के पानी के भरोसे बनाया जाता है एमडीएम, शौच लगे तो भागना पड़ता है घर

कहीं समय से पहले स्कूल में कर दी गयी छुट्टी, तो कहीं जमीन पर बैठकर पढ़ रहे थे बच्चे

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स्लग : कहीं समय से पहले स्कूल में कर दी गयी छुट्टी, तो कहीं जमीन पर बैठकर पढ़ रहे थे बच्चे

हेडिंग :

फोटो-

बेहाल-ए-सरकारी स्कूल

– शौचालय की स्थिति खराब, तीनों चापाकल भी हैं खराब

– जांच के बाद भी स्कूलों की व्यवस्था नहीं बदली

संवाददाता, धनबाद

शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारियों से निर्देश जारी होता है, आंकड़े भी जुटाते जाते हैं. सुविधा बढ़ाने की बात होती है, लेकिन सबकुछ कागजों पर रह जाता है. यहीं कारण है कि जिले के विद्यालयों का दिन प्रति दिन बुरा हाल होता जा रहा है. कहीं बेंच-डेस्क नहीं होने के कारण बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं, तो कहीं पानी की किल्लत ने शिक्षकों के साथ ही बच्चों को परेशान कर रखा है. यह हाल जिला मुख्यालय स्थित विद्यालयों का है. प्रभात खबर की टीम शनिवार को जब शहर के सरकारी स्कूलों में पहुंची, तो वहां की बेहाल सूरत दिखी. कहां क्या थी स्थिति पढ़े मनोज रवानी की रिपोर्ट.

प्राथमिक विद्यालय कोलाकुसमा : समय से पहले हो गयी थी छुट्टी

प्राथमिक विद्यालय, कोलाकुसमा में कक्षा एक से पांचवीं तक की पढ़ाई होती है. प्रभात खबर की टीम जब दोपहर 12 बजे वहां पहुंची, तो वहां एक भी बच्चा नहीं था. एक शिक्षिका आशा कुमारी कमरे में बैठी हुई थीं. उन्होंने बताया कि गर्मी को देखते हुए बच्चों को छुट्टी दे दी गयी है, हालांकि स्कूल का समय एक बजे तक का है. यहां पर नामांकित बच्चों की संख्या 60 है. शिक्षिका ने बताया कि स्कूल की प्रधानाध्यापिका शांति कुमारी किस्कु मीटिंग में गयी हैं.

विवाह भवन का है भरोसा

विद्यालय में तीन चापाकल हैं, लेकिन तीनों खराब हैं. ऐसे में सड़क की दूसरी तरफ स्थित नगर निगम के विवाह भवन से पानी लाया जाता है. इसी पानी से मीड डे मिल (एमडीएम) बन पाता है. पानी संकट से सबसे अधिक परेशानी शिक्षिकाओं और बच्चों को होती है.

शौचालय की स्थिति खराब

विद्यालय का शौचालय जर्जर हो गया है. शौचालय के ऊपर लगा पानी का टंकी टूट गया है. अगर किसी को शौच जाना हो तो घर जाना पड़ता है या फिर आसपास के किसी का घर तलाशना पड़ता है. सनद रहे विभाग ने 27 मार्च तक ही सभी व्यवस्था दुरूस्त करने को कहा था, पर कुछ नहीं हुआ.

बिजली कनेक्शन है, पर पंखा नहीं

विद्यालय में बिजली कनेक्शन तो है, लेकिन यहां पंखा की व्यवस्था नहीं है. इस प्रचंड गर्मी में किसी तरह पढ़ाई करते हैं बच्चे. शिक्षक से लेकर बच्चों तक की स्थिति खराब हो जाती है.

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उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय, कोलाकुसमा : दरी पर बैठते हैं बच्चे

उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय, कोलाकुसमा में पहली कक्षा से लेकर पांचवीं तक के बच्चों को जमीन पर बैठना पड़ता है. वहीं पानी की भी किल्लत है. दोपहर 12.30 बजे जब प्रभात खबर की टीम विद्यालय पहुंची, तो देखा कि सब नीचे बैठे हुए थे. यहां कक्षा एक से पांचवीं तक में 235 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन एक भी बेंच-डेस्क नहीं है. बच्चे दरी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं. स्कूल में तीन चापाकल है, लेकिन एक भी चालू नहीं है. एक बोरिंग के भरोसे होता है काम, पर बिजली कटी रहने से यह भी हो जाता है बेकार. ऐसे में यहां भी एमडीएम बनाने के लिए भी पानी का इंतजाम करना पड़ता है.

बेंच-डेस्क की पहल भी अधूरी

यहां बेंच-डेस्क की कमी दूर करने के लिए छह माह पहले ही कवायद शुरू की गयी थी. शिक्षा विभाग की टीम ने यहां का दौरा किया और बेंच-डेस्क की कमी का आकलन किया. रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजने की बात कही, लेकिन अभी तक बेंच-डेस्क नहीं मिला है. बच्चे आज भी दरी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं.

समय से पहले हो गयी छुट्टी

स्कूल में समय से पहले ही छुट्टी हो रही थी. नियम के अनुसार दोपहर एक बजे छुट्टी होनी चाहिए, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है. दोपहर 12.40 बजे इस विद्यालय में भी बच्चों की छुट्टी कर दी गयी थी.

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क्या कहते हैं डीएसइ भूतनाथ रजवार

सवाल : स्कूलों की स्थिति खराब हो गयी है, क्यों?

जवाब : व्यवस्था दुरूस्त करने की पहले की गयी है.

सवाल : स्कूलों में काफी गंदगी है?

जवाब : साफ सफाई का कार्य सोमवार तक पूरा कर लिया जायेगा.

सवाल : स्कूलों में कई कमी दिखी?

जवाब : कहीं कोई कमी है, तो उसे दूर किया जायेगा.

सवाल : स्कूलों में समय से पहले छुट्टी हो रही है ?

जवाब : समय पर ही विद्यालयों का संचालन होना है इसे देखा जायेगा.

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यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

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