Dhanbad News: प्रतियोगिता के दौर में रणनीति के साथ पढ़ाई करना जरूरी : संजय आनंद

Edited by ASHOK KUMAR
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मानस इंटरनेशनल स्कूल में प्रभात खबर का करियर काउंसलिंग सत्र

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धनबाद.

प्रभात खबर के करियर काउंसेलिंग के तहत शुक्रवार को बाबूडीह स्थित मानस इंटरनेशनल स्कूल में महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. मुख्य अतिथि स्कूल के निदेशक राकेश सिन्हा और विशिष्ट अतिथि प्राचार्या सिन्हा ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया. मुख्य वक्ता करियर काउंसेलर और गोल धनबाद के निदेशक संजय आनंद ने विद्यार्थियों को करियर चयन और पढ़ाई के सही तरीकों से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि सही विषय और समय पर चुना गया करियर जीवनभर सफलता दिलाने में मदद करता है. इस सत्र की खास बात यह रही कि छात्र भी सक्रिय रूप से शामिल हुए और अपने करियर से जुड़े सवाल पूछे.

रणनीति के साथ करें पढ़ाई

संजय आनंद ने कहा कि आज के प्रतियोगी युग में केवल ज्ञान होना पर्याप्त नहीं है. ‘ज्ञान की शक्ति’ से अधिक महत्वपूर्ण है ‘रणनीति की शक्ति’. उन्होंने बताया कि परीक्षा में सफलता पाने के लिए सही रणनीति अपनाना बेहद जरूरी है.

सातवीं से दसवीं कक्षा: करियर चयन का महत्वपूर्ण समय

संजय आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि सातवीं से दसवीं कक्षा छात्रों के जीवन की दिशा तय करने का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होता है. इस समय छात्र यह समझने लगते हैं कि उन्हें किस विषय में रुचि है और भविष्य में किस क्षेत्र में काम करना है. उन्होंने कहा कि यदि छात्र इस समय अपने रुचि वाले विषय की पहचान कर मेहनत करना शुरू करें, तो आगे की पढ़ाई और करियर बनाने में आसानी होती है.

ध्यान और लक्ष्य की अहमियत

संजय आनंद ने कहा कि कोई भी बच्चा कमजोर नहीं होता. ईश्वर ने सभी को समान दिमाग दिया है. फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ छात्र अपने लक्ष्य पर केंद्रित नहीं रहते और दिशा खो देते हैं. उन्होंने बताया कि जब छात्र अपने लक्ष्य तय कर लेते हैं और फोकस्ड रहते हैं, तो किसी भी कठिनाई के बावजूद सफलता उनके कदम चूमती है.

एनसीइआरटी और मैथ की भूमिका

संजय आनंद ने एनसीइआरटी और मैथ को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की कुंजी बताया. उन्होंने कहा कि एनसीइआरटी की किताबें हर प्रतियोगी परीक्षा का आधार होती हैं. यदि छात्र इन किताबों को अच्छी तरह पढ़ लें और उसपर मजबूत पकड़ बना लें, तो आगे की तैयारी आसान हो जाती है. मैथ किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की रीढ़ है. उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि नौवीं और दसवीं का सिलेबस ध्यान से पढ़ें, क्योंकि यह आगे की पढ़ाई से सीधे जुड़ा होता है.

छात्रों के सवाल और जवाब

सत्र के अंत में छात्रों ने अपने सवाल रखे. कई छात्रों ने पूछा कि पढ़ाई के दौरान ध्यान कैसे बनाए रखें और कठिन विषयों को कैसे आसान बनाया जाये. संजय आनंद ने धैर्यपूर्वक जवाब देते हुए कहा कि ध्यान भटकने से बचने के लिए मोबाइल, सोशल मीडिया और गलत संगति से दूरी बनाए रखें. कठिन विषयों को आसान बनाने के लिए बार-बार प्रैक्टिस और समूह अध्ययन मददगार हो सकता है.

मानस इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक राकेश सिन्हा ने कहा कि लक्ष्य पर फोकस होना ही सफलता की पहली सीढ़ी है. जब इंसान अपने लक्ष्य को स्पष्ट कर लेता है और उसी दिशा में निरंतर प्रयास करता है, तो कठिनाइयां भी रास्ता नहीं रोक पातीं. ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहकर यदि पूरी ऊर्जा व समर्पण लक्ष्य साधने में लगायें, तो सफलता निश्चित रूप से कदम चूमेगी.

प्राचार्या सीमा सिन्हा ने कहा कि स्कूल में करियर काउंसेलिंग सत्र का आयोजन छात्रों के लिए बेहद लाभकारी है. यह वह समय होता है जब वे करियर को लेकर दुविधा में रहते हैं और सही मार्गदर्शन की जरूरत महसूस करते हैं. ऐसे सत्र उन्हें आत्मविश्वास देते हैं और यह समझने में मदद करते हैं कि भविष्य में किस दिशा में आगे बढ़ना है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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