योग नगरी मुंगेर में दिखी योग की शक्ति, शहर से गांव तक गूंजा 'ओम'

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मुंगेर में दिखी योग की शक्ति

International Yoga Day 2026: International Yoga Day पर योग नगरी मुंगेर एक बार फिर अपनी पहचान के अनुरूप नजर आया. शहर से गांव तक हजारों लोगों ने सामूहिक योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया. बिहार योग विद्यालय से लेकर मुंगेर विश्वविद्यालय तक पूरा शहर योगमय दिखा.

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मुंगेर से राणा गौरी शंकर की रिपोर्ट

International Yoga Day 2026: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को योग नगरी मुंगेर पूरी तरह योगमय हो उठा. सुबह होते ही शहर और ग्रामीण इलाकों में योग शिविरों की शुरुआत हो गई. विभिन्न संस्थानों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और सामाजिक संगठनों की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया. पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला.

जब बिहार योग विद्यालय में उमड़ा जनसैलाब

योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम बिहार की प्रसिद्ध संस्था बिहार योग विद्यालय के पादुका दर्शन परिसर में आयोजित किया गया. यहां मुंगेर शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया. कार्यक्रम के दौरान योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई.

मुंगेर विश्वविद्यालय में भी गूंजा योग का संदेश

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुंगेर विश्वविद्यालय ने भी डीजे कॉलेज परिसर में विशेष योग शिविर का आयोजन किया. शिविर में विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. योग विशेषज्ञों ने नियमित योगाभ्यास को बेहतर स्वास्थ्य और तनावमुक्त जीवन की कुंजी बताया.

स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं ने बढ़ाया उत्साह

शहर के कई विद्यालयों, महाविद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं की ओर से भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए. प्रतिभागियों ने सूर्य नमस्कार, कपालभाति, अनुलोम-विलोम सहित विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया. योग शिविरों में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी रही. इससे स्पष्ट हुआ कि योग अब केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जन आंदोलन का रूप ले चुका है.

International Yoga Day 2026: योग दिनचर्या का हिस्सा

योग दिवस के अवसर पर लोगों ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया. वक्ताओं ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से संतुलित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाती है. पूरे दिन शहर में योग और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा.

मुंगेर में आयोजित इन कार्यक्रमों ने एक बार फिर योग नगरी की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने का काम किया.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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