ePaper

स्थानीय की पैरवी करना अगर ‘गुनाह’ है तो यह बार-बार करूंगा- आलमगीर आलम

Updated at : 29 Jun 2020 5:52 AM (IST)
विज्ञापन
स्थानीय की पैरवी करना अगर ‘गुनाह’ है तो यह बार-बार करूंगा- आलमगीर आलम

झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम रविवार काे धनबाद में थे. बरहरवा थाने में दर्ज प्राथमिकी पर उन्हाेंने संवाददाताओं से कहा : मैं एक जनप्रतिनिधि हूं, इसलिए मैं हमेशा सही चीजों के लिए अपने क्षेत्र के स्थानीय लोगों की पैरवी करता हूं.

विज्ञापन

धनबाद : झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम रविवार काे धनबाद में थे. बरहरवा थाने में दर्ज प्राथमिकी पर उन्हाेंने संवाददाताओं से कहा : मैं एक जनप्रतिनिधि हूं, इसलिए मैं हमेशा सही चीजों के लिए अपने क्षेत्र के स्थानीय लोगों की पैरवी करता हूं. जिस मामले में मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है, उसमें भी मैं यही कर रहा था. जिस ऑडियो के आधार पर यह कार्रवाई की गयी थी, उसमें मैंने स्थानीय लोगों के लिए काम छोड़ने की बात कही थी. अगर यह मेरी गलती है, तो मैं गुनाह आगे भी करूंगा. पर किसी भी कीमत पर स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा से पीछे नहीं हटूंगा.’

दल विशेष के लिए पैरवी नहीं : ग्रामीण विकास मंत्री ने दावा किया कि अपने क्षेत्र में वे किसी दल विशेष के लिए ही पैरवी नहीं करते, बल्कि उन्होंने दलगत भावना से ऊपर उठ कर स्थानीय लाेगाें की पैरवी की है. इस मामले में भी उन्होंने यही किया था. बता दें कि बरहरवा थाना में ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि पंकज मिश्र के खिलाफ एक टेंडर मैनेज करने के लिए मारपीट करने, साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था.

यह टेंडर नगर पंचायत बरहरवा में वाहन प्रवेश शुल्क वसूली को लेकर था. श्री आलम रांची जाते समय धनबाद परिसदन में रुके थे. इसी दौरान वे संवाददाताओं से बात कर रहे थे. 65 प्रतिशत कुशल कामगार : ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान राज्य में बाहर से लौटनेवाले श्रमिकों में 65 प्रतिशत कुशल श्रमिक की श्रेणी के हैं. राज्य सरकार ने दिल्ली, मुंबई और गुजरात से आनेवाले श्रमिक की हितों रक्षा के लिए वहां की कंपनियों के साथ एमओयू करेगी, ताकि जब यहां के श्रमिक वापस लौटेंगे, तो उन्हें वहां यह कंपनियां बेहतर रोजगार देने के लिए बाध्य हों.

इस मौके पर पार्टी के पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक, जलेश्वर महतो, जिला अध्यक्ष ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह, कार्यकारी जिला अध्यक्ष रविंद्र वर्मा, प्रदेश युवा उपाध्यक्ष अभिजीत राज, जिला के वरीय उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह योगी, जिप सदस्य अशोक सिंह, मधु चौधरी, मनोज सिंह समेत पार्टी दर्जनों कार्यकर्ता धनबाद परिषदन में मौजूद थे.

जिला परिषद विवाद का निकलेगा हल : ग्रामीण विकास मंत्री ने धनबाद जिला परिषद में चेयरमैन और डीडीसी के बीच जारी विवाद की वजह से बाधित विकास कार्यों पर कहा : यह मामला उनके संज्ञान में है. एक सप्ताह के अंदर इस विवाद को सुलझा लिया जाएगा. हालांकि उन्होंने कहा : मतभेद की वजह आपसी विश्वास की कमी है.

24 घंटे में होगी प्राथमिकी : आलमगीर आलम ने बताया कि मनरेगा, ग्रामीण मजदूरों को 100 दिनों का रोजगार देने के लिए है. अगर कहीं से भी यह पता चला कि मजदूरों की जगह मशीन से काम लिया जा रहा है, तो वैसे लोगों के खिलाफ 24 के घंटे के अंदर ही प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola