मैं नि:शब्द और शर्मिंदा हूं. अब व्यवस्था दुरुस्त कर बात करूंगा. यह वाक्य स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के हैं. वह रविवार की शाम औचक निरीक्षण के लिए कोर्ट रोड स्थित सदर अस्पताल पहुंचे थे. मंत्री अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर ओपीडी व विभिन्न विभाग गये. मरीजों से बातचीत कर उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्था के बारे में जानकारी ली. निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिली. निरीक्षण के दौरान मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने पाया कि टूटे हुए बेड पर मरीजों को भर्ती लेकर इलाज किया जा रहा है. विभिन्न वार्ड में भर्ती मरीजों के बेड पर चादर नहीं है. कुछ मरीज के बेड पर गमछा बिछा हुआ था. निरीक्षण के पश्चात मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सदर अस्पताल की व्यवस्था दुरुस्त करना सरकार की जिम्मेवारी है. मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि शहर के बीचोबीच इस अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं नदारद होंगी. अस्पताल की व्यवस्था देख नाराज मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने सिविल सर्जन डॉ चंद्रभानु प्रतापन व अस्पताल के नोडल पदाधिकारी डॉ राजकुमार सिंह को जमकर फटकार लगायी. मंत्री ने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की सूची के साथ अस्पताल में दवा की आपूर्ति से संबंधित दस्तावेज सीएस से मांगा.
निरीक्षण में मंत्री ने पकड़ी ये गड़बड़ियां :
इमरजेंसी में नहीं मिला इंट्री रजिस्टर, नहीं थे आवश्यक उपकरण : निरीक्षण के दौरान मंत्री डॉ इरफान अंसारी अस्पताल के इमरजेंसी पहुंचे. इमरजेंसी में तीन बेड लगे हुए थे. इसपर चादर नहीं थी. बीपी, पल्स की मॉनिटरिंग के लिए मशीन भी नहीं थी. मंत्री ने ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक पीपी पांडेय से मरीजों के भर्ती होने से संबंधित इंट्री रजिस्टर मांगा, जो नहीं था.गायनी में टूटे बेड पर भर्ती थी मरीज :
गायनी विभाग के निरीक्षण के दौरान मंत्री डॉ इरफान ने पाया कि टूटे हुए बेड पर महिला मरीज को भर्ती लेकर इलाज चल रहा था. इस संबंध में पूछने पर नर्स चुप रह गयी. मरीज के बेड पर चादर तक नहीं थी.ड्यूटी से गायब थी गायनी की चिकित्सक :
निरीक्षण के दौरान मंत्री गायनी विभाग पहुंचे. पाया कि गायनी विभाग की चिकित्सक डॉ सुमन कुमारी ड्यूटी पर नहीं हैं. अस्पताल के नोडल से नंबर लेकर मंत्री ने डॉ सुमन को फोन किया. चिकित्सक ने बताया कि उनकी ऑन कॉल ड्यूटी है. यानि, जरूरत पड़ने पर वह अस्पताल जाती है. इसपर मंत्री ने चिकित्सक के साथ अस्पताल के नोडल व सीएस को जमकर फटकार लगायी. इस मामले को लेकर मंत्री ने सीएस से जवाब मांगा है.मंत्री ने दिये निर्देश
ऑन कॉल ड्यूटी व्यवस्था करें खत्म :
मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि किसी भी अस्पताल का गायनी महत्वपूर्ण विभाग होता है. कभी भी किसी मरीज को इमरजेंसी में चिकित्सक की जरूरत पड़ सकती हैं. ऐसे में ऑन कॉल ड्यूटी में तैनात चिकित्सक को पहुंचने में देर होती है और इस बीच मरीज की जान चली जाती हैं, तो जवाबदेह कौन होगा. उन्होंने ऑन कॉल ड्यूटी व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्देश दिया.दवा की कमी हुई, तो सीएस होंगे जवाबदेह :
निरीक्षण के दौरान मंत्री को अस्पताल में दवाओं की कमी की जानकारी मिली. उन्हें बताया गया कि अस्पताल के नोडल को वित्तीय प्रभार नहीं होने के कारण समय पर दवाओं समेत उपकरणों की खरीदारी में विलंब होता है. डीपीएम के माध्यम से खरीदारी होती है. इस प्रक्रिया में देर होती है. इस पर मंत्री ने सीएस को दवा व उपकरणों की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. कहा कि अस्पताल में दवा की कमी होती है, तो इसकी जवाबदेही सीएस की होगी.मंत्री ने पूछा : अस्पताल की अधूरी बिल्डिंग को लेकर अबतक क्या किया
सदर अस्पताल की अधूरी बिल्डिंग की जानकारी मिलने पर मंत्री ने सीएस से अबतक उनके द्वारा इसके लिए की गयी कार्रवाई के बारे में पूछा. सीएस ने बताया कि नए बिल्डिंग के नक्शे के अप्रूवल के लिए काफी पहले भवन प्रमंडल को भेजा गया है. मंत्री ने सीएस से पूछा कि वर्तमान फाइल कहां रुकी हुई है. इसपर सीएस कुछ भी बताने में असमर्थ रहे. मंत्री ने सीएस को फटकार लगायी. यह भी कहा कि रांची में पिछले दिनों आयोजित बैठक में आपने इस संबंध में क्यों नहीं बताया. मामले में लापरवाही बरतने को लेकर मंत्री ने सीएस को रांची आने का निर्देश दिया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

