पोखरिया आश्रम में अब तक नहीं लगी गुरुजी की प्रतिमा, स्थापना को लेकर उठ रहे सवाल

Updated:
विज्ञापन

आश्रम के पास लगा गुरुजी का कट-आउट

झारखंड आंदोलन के पुरोधा शिबू सोरेन के पोखरिया आश्रम में प्रतिमा स्थापना की घोषणा अब तक अधूरी है। स्थानीय लोग आश्रम के संरक्षण और व्यवस्था सुधार की मांग कर रहे हैं।

विज्ञापन

झारखंड आंदोलन के पुरोधा, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और दिशोम गुरु के नाम से विख्यात शिबू सोरेन को हाल ही में देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है. इस सम्मान से पूरा झारखंड गर्वान्वित है, वहीं उनकी कर्मभूमि टुंडी स्थित पोखरिया आश्रम की स्थिति कई सवाल भी खड़े कर रही है. यहां लगनेवाली उनकी आदमकद प्रतिमा अब तक स्थापित नहीं की जा सकी है.

झारखंड आंदोलन की धुरी रही टुंडी की

धरती जगजाहिर है कि टुंडी की धरती से ही शिबू सोरेन ने जंगल-पहाड़ों की खाक छानते हुए लोगों को संगठित किया और अलग झारखंड राज्य आंदोलन को नयी दिशा दी. आंदोलन के संचालन और जनजागरण के उद्देश्य से उन्होंने पोखरिया आश्रम की स्थापना की थी. यह आश्रम लंबे समय तक झारखंड आंदोलन की धुरी बना रहा.

कायाकल्प की पहल, पर आधे-अधूरे मन से

दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद आश्रम के कायाकल्प की पहल की गयी थी. परिसर के सौंदर्यीकरण समेत कई कार्य भी कराये गये, पर उनकी पहली पुण्यतिथि पर की गयी महत्वपूर्ण घोषणा अब तक अधूरी पड़ी है. उस समय आश्रम परिसर के समीप उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की बात कही गयी थी. इसके लिए चबूतरा भी बनाया गया, पर प्रतिमा लगाने के बजाय वहां केवल उनका कट-आउट और होर्डिंग लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी गयी. फिर तो पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया.

आश्रम के समुचित संरक्षण की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिमा स्थापना की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. आश्रम परिसर में पेयजल के लिए बने नल की स्थिति भी खराब है. न तो वहां नियमित रूप से पानी उपलब्ध है और न ही उसके रखरखाव की व्यवस्था दिखाई देती है.

देखरेख के अभाव में परिसर की व्यवस्था धीरे-धीरे प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों और झारखंड आंदोलनकारियों का मानना है कि जिस स्थान से गुरुजी ने आंदोलन की मशाल जलायी, उस ऐतिहासिक धरोहर को उपेक्षित छोड़ना उचित नहीं है. वे प्रशासन से जल्द प्रतिमा स्थापना, पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने तथा आश्रम के समुचित संरक्षण की मांग कर रहे हैं.


विज्ञापन
Chandrasekhar Singh

लेखक के बारे में

By Chandrasekhar Singh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola