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रोबोटिक्स, एआई और डेटा साइंस बढ़ा सकते हैं आर्थिक अवसर, धनबाद में बोले डॉ वीके सारस्वत

Updated at : 16 Dec 2024 8:32 PM (IST)
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IIT ISM Dhanbad Convocation VK Saraswat

आइआइटी-आइएसएम धनबाद के दीक्षांत समारोह में मौजूद अतिथि. फोटो : प्रतीक पोपट

Dr VK Saraswat in Dhanbad: डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख और देश के जाने-माने वैज्ञानिक डॉ वीके सारस्वत ने धनबाद में कहा कि रोबोटिक्स, एआई और डेटा साइंस बढ़ा सकते हैं आर्थिक अवसर.

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Dr VK Saraswat in Dhanbad| प्रसिद्ध वैज्ञानिक और नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके सारस्वत ने कहा है कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में केवल विशेषज्ञता पर्याप्त नहीं है. व्यावहारिक समस्याओं का समाधान खोजने की आवश्यकता है. भारत को स्वच्छ ऊर्जा, टिकाऊ औद्योगिक प्रथाओं और इको फ्रेंडली ट्रांसपोर्टेशन पर ध्यान केंद्रित करना होगा.

IIT-ISM के दीक्षांत समारोह को डॉ वीके सारस्वत ने किया संबोधित

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के पूर्व महानिदेशक और रक्षा मंत्री के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार रह चुके डॉ वीके सारस्वत ने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति के तहत रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसी तकनीकों का उपयोग आर्थिक अवसर बढ़ा सकता है. डॉ सारस्वत सोमवार को आइआइटी-आइएसएम धनबाद के दो दिवसीय 44वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे.

सारस्वत बोले- व्यावहारिक कौशल पर देना होगा ध्यान

अपने संबोधन में डॉ वीके सारस्वत ने कहा कि भारत ने अक्षय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में मिशन शुरू किये हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं. नवाचार और डिजाइन थिंकिंग को प्रोत्साहित करने के लिए संस्थानों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए.

समाज और उद्योग के लिए मूल्यों का निर्माण करे नवाचार

उन्होंने कहा कि नवाचार केवल ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए. इसका उद्देश्य समाज और उद्योग के लिए मूल्यों का निर्माण होना चाहिए. आइआइटी आइएसएम ने इस दिशा में बेहतर पहल की है. यह न केवल भारत को सशक्त बनायेगी, बल्कि वैश्विक तकनीकी चुनौतियों का भी समाधान प्रस्तुत करेगी.

दीक्षांत समारोह में शामिल आइआइटी-आइएसएम के स्टूडेंट्स. फोटो : प्रतीक पोपट

खनन शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान दे रहा आइएसएम

डॉ वीके सारस्वत ने आइआइटी आइएसएम के पासआउट छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आइआइटी आइएसएम देश के अग्रणी संस्थानों में एक है. यह खनन क्षेत्र में शिक्षा देने के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहा है. यह संस्थान राष्ट्रीय और वैश्विक मंचों पर पहचान बना चुका है. ब्रिक्स 2024 शिखर सम्मेलन में इसका असर देखा गया.

वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए छात्रों को तैयार करता है IIT ISM

संस्थान के विशेषज्ञ संकाय सदस्य हाइड्रोजन भंडारण, कोल-बेड मिथेन, कार्बन कैप्चर और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान में जुटे हैं. यहां की अत्याधुनिक सुविधाएं और उद्योग-अकादमिक सहयोग छात्रों को वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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