धनबाद के कुपोषण उपचार केंद्र पहुंची नीति आयोग की टीम, किया औचक निरीक्षण

धनबाद के सदर अस्पताल स्थित कुपोषण उपचार केंद्र में डॉक्टरों से बात करते नीति आयोग की टीम के अधिकारी. फोटो: प्रभात खबर
Dhanbad Malnutrition Center: धनबाद के सदर अस्पताल परिसर स्थित कुपोषण उपचार केंद्र का नीति आयोग की टीम ने औचक निरीक्षण किया. अधिकारियों ने कुपोषित बच्चों के इलाज, पोषण आहार, दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली. निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, वार्ड व्यवस्था और माताओं को दी जा रही सुविधाओं का भी जायजा लिया गया. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
धनबाद से अजय कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
Dhanbad Malnutrition Center: झारखंड के धनबाद में गुरुवार को सदर अस्पताल परिसर में संचालित कुपोषण उपचार केंद्र का निरीक्षण करने के लिए नीति आयोग की एक टीम अचानक पहुंची. टीम ने केंद्र में करीब आधे घंटे तक रहकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कुपोषित बच्चों के इलाज से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की. निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्यों ने केंद्र में भर्ती बच्चों की संख्या, उनके स्वास्थ्य की स्थिति तथा उन्हें दी जा रही चिकित्सकीय सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली.
कुपोषित बच्चों के पोषाहार की ली जानकारी
अधिकारियों ने यह भी जाना कि बच्चों को किस प्रकार का पोषण आहार दिया जा रहा है और उनकी देखभाल के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई हैं. टीम ने केंद्र में मौजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से भी बातचीत की. इस दौरान कुपोषण से पीड़ित बच्चों के उपचार की प्रक्रिया, दवाइयों की उपलब्धता, नियमित स्वास्थ्य जांच और पोषण आहार वितरण की व्यवस्था के बारे में चर्चा की गई. अधिकारियों ने यह भी देखा कि बच्चों के साथ आने वाली माताओं को किस प्रकार की सुविधा और परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है.
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केंद्र की साफ-सफाई का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान केंद्र की साफ-सफाई, वार्ड की स्थिति और उपलब्ध संसाधनों का भी अवलोकन किया गया. टीम ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि केंद्र में भर्ती बच्चों को समय पर इलाज और पोषण मिल रहा है या नहीं. स्वास्थ्यकर्मियों ने टीम को बताया कि कुपोषण से ग्रसित बच्चों के उपचार के लिए केंद्र में आवश्यक दवाएं और पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है. साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए नियमित रूप से निगरानी भी की जाती है. करीब आधे घंटे तक निरीक्षण करने के बाद नीति आयोग की टीम अस्पताल परिसर से निकल गई.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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