धनबाद वन प्रमंडल को 68 वर्ष बाद मिलेगा अपना भवन
Updated at : 16 Jun 2024 12:18 AM (IST)
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धनबाद वन प्रमंडल को लगभग 68 वर्ष बाद अपना अलग कार्यालय भवन मिलेगा. बिरसा मुंडा पार्क नावाडीह के पास पहाड़ी पर धनबाद वन प्रमंडल का नया दफ्तर बन रहा है. यह इको फ्रेंडली ग्रीन बिल्डिंग होगा. उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक यह दफ्तर काम करने लगेगा.
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नावाडीह में बन रहा है दो मंजिला इको फ्रेंडली ग्रीन बिल्डिंग, बगल में ही बन रहा पहला वन अतिथि गृह
संजीव झा, धनबाद
धनबाद वन प्रमंडल को लगभग 68 वर्ष बाद अपना अलग कार्यालय भवन मिलेगा. बिरसा मुंडा पार्क नावाडीह के पास पहाड़ी पर धनबाद वन प्रमंडल का नया दफ्तर बन रहा है. यह इको फ्रेंडली ग्रीन बिल्डिंग होगा. उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक यह दफ्तर काम करने लगेगा.95 लाख रुपये की लागत से बन रहा भवन
वर्ष 1956 में धनबाद वन प्रमंडल का कार्यालय यहां खुला. अभी वन प्रमंडल का कार्यालय कंबाइंड बिल्डिंग के दूसरे तल पर चल रहा है. यहीं पर चार कमरों में पूरा विभाग कार्यरत है. इसमें से एक कमरे में वन प्रमंडल पदाधिकारी बैठते हैं. दूसरे में सहायक वन प्रमंडल पदाधिकारी. दो छोटे कमरों में विभाग के दूसरे कर्मी बैठते हैं. जगह की काफी कमी है. लंबे समय से अलग कार्यालय बनाने के लिए पत्राचार किया जा रहा था. वित्तीय वर्ष 2023-24 में नावाडीह में वन विभाग की भूमि पर कार्यालय भवन बनाने की योजना को मंजूरी दी गयी. अप्रैल 2024 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ. लगभग 95 लाख रुपये की लागत से दो भवन बन रहा है. इसमें एक दो मंजिला होगा, जिसमें कार्यालय चलेगा. बगल में ही एक तल का अतिथि गृह होगा. अतिथि गृह में कुल तीन कमरे होंगे. धनबाद में अब तक वन विभाग का एक भी अतिथि गृह नहीं है, जबकि राज्य के अधिकांश जिलाें में वन विभाग का अपना अलग अतिथि गृह है.वन विभाग करा रहा निर्माण
वन विभाग की एजेंसी द्वारा नये कार्यालय भवन व अतिथि गृह का निर्माण कराया जा रहा है. इसकी डिजाइनिंग ऐसी की गयी है कि ज्यादा से ज्यादा एरिया ग्रीन रहे. यह इको फ्रेंडली होगा. निर्माण होने के बाद कंबाइंड बिल्डिंग से वन विभाग का कार्यालय नावाडीह शिफ्ट हो जायेगा.निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा
राज्य सरकार से मंजूरी के बाद धनबाद में वन प्रमंडल के कार्यालय भवन का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है. कार्यालय के साथ-साथ विभाग के अतिथि गृह का भी निर्माण कार्य हो रहा है. कोशिश है कि पूरा भवन इको फ्रेंडली रहे.– विकास पालीवाल, वन प्रमंडल पदाधिकारी, धनबाद.
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