धनबाद कोल वाशरी हादसा: मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा, नौकरी भी मिलेगी

धनबाद के मूनिडीह कोल वाशरी में लगा साइन बोर्ड, Pic Credit- Prabhat Khabar
Dhanbad Coal Mines Accident: धनबाद के मूनिडीह कोल वाशरी में शनिवार शाम हुए हादसे के बाद बीसीसीएल प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी देने की घोषणा की है. शनिवार देर रात हुई बैठक में जिला प्रशासन, बीसीसीएल और श्रमिक संघों के बीच इस पर सहमति बनी. हादसे में चार श्रमिकों की मौत हुई थी, जिसकी जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है.
Dhanbad Coal Mines Accident, धनबाद : धनबाद जिले के मूनिडीह स्थित भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की कोल वाशरी में शनिवार शाम हुए दर्दनाक हादसे के बाद रविवार को पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई. बीसीसीएल के महाप्रबंधक (पश्चिमी झरिया) अरिंदम मुस्तफी ने जानकारी दी कि शनिवार देर रात जिला प्रशासन की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में बीसीसीएल प्रबंधन, पीड़ित परिवार, निजी डिलीवरी ऑर्डर धारक कंपनी और श्रमिक संघ के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिसमें मुआवजे के प्रारूप पर सहमति बनी.
मुआवजा और नौकरी का प्रावधान
समझौते के तहत प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल 20 लाख रुपये का मुआवजा दो किस्तों में दिया जाएगा. इसमें 10 लाख रुपये बीसीसीएल द्वारा और शेष 10 लाख रुपये उस निजी डिलीवरी ऑर्डर धारक कंपनी द्वारा दिए जाएंगे, जिसके पास कोयले के घोल को साफ करने की जिम्मेदारी थी. इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार के एक आश्रित को आउटसोर्स एजेंसी में नौकरी प्रदान की जाएगी और अंतिम संस्कार के खर्च के लिए तत्काल 75,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने पर भी सहमति बनी है.
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हादसे की जांच के लिए समिति गठित
इस गंभीर घटना की पुनरावृत्ति रोकने और कारणों का पता लगाने के लिए बीसीसीएल ने कड़ा रुख अपनाया है. महाप्रबंधक ने बताया कि हादसे की तह तक जाने के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है. यह समिति न केवल दुर्घटना के तकनीकी कारणों की जांच करेगी, बल्कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों का सुझाव भी देगी.
क्या था पूरा हादसा?
शनिवार शाम को मूनिडीह कोयला वाशरी में काम के दौरान अचानक कोयले के घोल (Slurry) के नीचे दबने से कम से कम चार श्रमिकों की मौत हो गई थी. पुटकी पुलिस थाना प्रभारी वकार हुसैन के नेतृत्व में चले बचाव अभियान के बाद मलबे से चारों मजदूरों के शव बरामद किए गए थे. मृतकों की पहचान मानिक बौरी, दिनेश बौरी, दीपक बौरी और हेमलाल गोप के रूप में हुई है, जो उस समय वहां कार्यरत थे.
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By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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