साहिबगंज के बाद धनबाद कोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, प्रशासन में हड़कंप

बम से उड़ाने की धमकी के बाद धनबाद सिविल कोर्ट में मौजूद पुलिस के अधिकारी. फोटो: प्रभात खबर
Dhanbad Civil Court Bomb Threat: साहिबगंज के बाद धनबाद सिविल कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया. कोर्ट परिसर खाली कराया गया और सुरक्षा कड़ी कर दी गई. बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड जांच में जुटे हैं. फिलहाल कोई विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन जिले में हाई अलर्ट जारी है. बम की धमकी से संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
धनबाद से ज्योति राय की रिपोर्ट
Dhanbad Civil Court Bomb Threat: झारखंड में गुरुवार को साहिबगंज के बाद धनबाद के सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. इसके बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. यह तीसरी बार है जब धनबाद कोर्ट को इस तरह की धमकी मिली है. लगातार मिल रही ऐसी सूचनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.
ईमेल मिलते ही खाली कराया गया कोर्ट परिसर
धमकी भरा ईमेल मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस तुरंत हरकत में आ गई. एहतियात के तौर पर पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया. जज, अधिवक्ता और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. अचानक हुई इस कार्रवाई से परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, बढ़ाई गई चौकसी
घटना के बाद कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. प्रवेश द्वारों पर सख्त जांच की जा रही है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है.
बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया. टीमों ने पूरे परिसर में सघन जांच अभियान शुरू किया. हर कोने की बारीकी से तलाशी ली जा रही है और संदिग्ध वस्तुओं की जांच की जा रही है. हालांकि अब तक किसी भी प्रकार की विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है.
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है. सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करते हुए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है.
साइबर सेल कर रही ईमेल की जांच
धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को जांच में लगाया गया है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मेल कहां से भेजी गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं. तकनीकी टीम हर एंगल से जांच कर रही है ताकि जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाई जा सके.
आसपास के इलाकों में भी बढ़ाई गई निगरानी
केवल कोर्ट परिसर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है. संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके. प्रशासन ने आम लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है. साथ ही अफवाहों से बचने की भी सलाह दी गई है.
धनबाद जिले में अलर्ट जारी
फिलहाल किसी विस्फोटक के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे थोड़ी राहत जरूर मिली है. इसके बावजूद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है.
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साहिबगंज के सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी
इससे पहले, गुरुवार को ही साहिबगंज के सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई. धमकी भरी ईमेल मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं. सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक, एसडीपीओ, डीएसपी, सर्किल इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया. देखते ही देखते पूरा कोर्ट परिसर छावनी में तब्दील हो गया. सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए हर 5 फीट की दूरी पर जवानों की तैनाती की गई.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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