धनबाद में भीषण हादसा: मलबे में दबने से 4 दिहाड़ी मजदूरों की मौत, सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल

धनबाद बीसीसीएल (BCCL) की कोल वाशरी में दबे हुए मजदूरों के शव को बाहर निकालने का प्रयास करते हुए
Dhanbad Accident: धनबाद के मुनीडीह स्थित बीसीसीएल (BCCL) की कोल वाशरी में शनिवार को एक भीषण हादसा हो गया. स्लरी लोडिंग के दौरान अचानक मलबा ढहने से चार दिहाड़ी मजदूरों की मलबे में दबकर मौत हो गई. अब तक तीन मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि एक अन्य की तलाश के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. घटना के बाद मुनीडीह इलाके में मातम और हड़कंप का माहौल है.
धनबाद, (पुटकी से संजय रवानी की रिपोर्ट): धनबाद स्थित बीसीसीएल की मुनीडीह कोल वाशरी में स्लरी (वाश कोल डस्ट) लोडिंग के दौरान मजदूरों पर अचानक मलबा भरभराकर गिर पड़ा. हादसे में चार दिहाड़ी मजदूरों की मौत हो गयी. घटना शनिवार शाम करीब सवा पांच बजे की है. मृतकों में गोपीनाथडीह के माणिक बाउरी (45) व दिनेश बाउरी (52), समशिखरा निवासी दीपक बाउरी (50) और रुदी कपूरिया निवासी मोड़ा गोप (59) थे. गोपीनाथडीह की सुनीता देवी घटना में बाल-बाल बची. वह किसी तरह मलबे से सकुशल बचकर बाहर निकल आयी.
लोडिंग प्वाइंट पर कर रहे थे 7 से 10 मजदूर काम
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लोडिंग प्वाइंट पर एक दंगल के करीब 7 से 10 मजदूर काम कर रहे थे. सभी मैन्युअल लोडिंग के माध्यम से ट्रक में स्लरी लोडिंग कर रहे थे, तभी घटना घटी. हादसे के बाद चीख-पुकार और अफरातफरी मच गयी. वहां मौजूद साथी मजदूरों ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. हादसे की खबर फैलते ही मुनीडीह और आसपास के इलाके के लोग वहां जुट गये. मृत मजदूरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. वाशरी प्रबंधन ने परिसर के अंदर व बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. बताते चलें कि मुनीडीह कोल वाशरी की स्थापना वर्ष 1983 में हुई थी. वाशरी की क्षमता लगभग 1.6 मिलियन टन प्रति वर्ष है.
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सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
स्लरी लोडिंग जैसे जोखिमपूर्ण कार्य के दौरान मलबा कैसे ढहा, इस पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और निगरानी की कमी थी. हादसे ने वाशरी में सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है. इधर, घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और सीआइएसएफ मौके पर पहुंच गयी और तत्काल राहत व बचाव कार्य चलाया गया. मुनीडीह ओपी के अलावा पुटकी और भागाबांध थाना के अधिकारी और जवान विधि व्यवस्था में जुटे थे.
पहले भी होती रही इस तरह की घटना
- पांच वर्ष पूर्व वेस्टर्न वाशरी जोन अंतर्गत मुनीडीह कोल वाशरी में मेंटेनेंस कार्य के दौरान हादसा हुआ था. मजदूर गियर बॉक्स और ड्रम बदल रहे थे, तभी अचानक चेन टूट गयी और वाशरी के 704 बेल्ट का फ्लोर (चौथा तल्ला) भरभरा कर नीचे गिर गया. मलबे के नीचे दबने से करीब आधा दर्जन ठेका मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गये थे.
- सितंबर 2025 में बीसीसीएल ब्लॉक-2 क्षेत्र की न्यू मधुबन वाशरी में करीब 100 फीट ऊंचा साइलो प्लांट (टावर) ढह गया था. इस घटना में करीब 5,000 टन कोयले का मलबा गिरा था और एक मजदूर धर्मेंद्र ठाकुर फंस गया था, जिसे 12 घंटे के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निकाला गया.
- दो मई को मुनीडीह कोल वाशरी में स्लरी (वाश कोल डस्ट) लोडिंग के दौरान ऊपर से मलबा गिरने से चार दिहाड़ी मजदूरों की मौत हो गयी.
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By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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