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वासेपुर के सजायाफ्ता बंदी मो औरंगजेब की मौत, प्रिंस खान का खास गुर्गा था

Updated at : 23 Aug 2024 1:31 AM (IST)
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वासेपुर के सजायाफ्ता बंदी मो औरंगजेब की मौत, प्रिंस खान का खास गुर्गा था

औरंगजेब को दिसंबर 2023 में धनबाद जेल से तेनुघाट शिफ्ट किया गया था. उसे आर्म्स एक्ट के एक मामले में छह साल की सजा हुई थी.

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तेनुघाट जेल में सजा काट रहे वासेपुर के कैदी मो. औरंगजेब की मौत गुरुवार को बोकारो सदर अस्पताल में हो गयी. वह फरार अपराधी प्रिंस खान का खास गुर्गा था. कई हत्याकांडों में उसका नाम आया था. औरंगजेब का शव गुरुवार की रात में उसके घर वासेपुर लाया गया है. पुलिस की मौजूदगी में प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया. तेनुघाट जेल के जेलर नीरज कुमार के अनुसार औरंगजेब को दिसंबर 2023 में धनबाद जेल से तेनुघाट शिफ्ट किया गया था. उसे आर्म्स एक्ट के एक मामले में छह साल की सजा हुई थी. उन्होंने बताया कि 16 अगस्त को औरंगजेब को अचानक पेट में दर्द शुरू हो गया. उसका इलाज अनुमंडलीय अस्पताल तेनुघाट में डॉ शंभु कुमार ने किया था. इसके बाद उसे तेनुघाट जेल के अस्पताल वार्ड में रखा गया. गुरुवार की सुबह अचानक उसकी छाती में दर्द हुआ और वह बेहोश हो गया. इसके बाद उसे अनुमंडल अस्पताल तेनुघाट भेजा गया. वहां से बेहतर इलाज के लिए बोकारो सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मृत्यु हो गयी. डॉ शंभु कुमार ने बताया कि मो औरंगजेब 16 अगस्त से बीमार था. इलाज चल रहा था. गुरुवार की सुबह जब अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया, तब वह बेहोश था. उसे बेहतर इलाज के लिए बोकारो सदर अस्पताल रेफर किया गया. ऐसा लगता है कि उसे हार्ट अटैक आया है. पूरी जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पायेगी. रंजीत और नन्हे हत्याकांड में था आरोपी : औरंगजेब पर हत्या और आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है. 21 अगस्त 2018 को कुसुंडा फाटक के पास झाविमो नेता रंजीत सिंह की हत्या में भी उसका नाम आया है. इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने 25 अगस्त 2018 को उसे मुंबई से गिरफ्तार किया था. इसके खिलाफ बैंकमोड़ थाना में भी कांड संख्या 239/2018 दर्ज है. इस मामले में उसे सजा हुई, जबकि नन्हें हत्या कांड 307/21 में भी वह अभियुक्त था.

औरंगजेब का ऑडियो वायरल :

औरंगजेब की मौत के बाद एक ऑडियो वायरल हुआ है. इसमें औरंगजेब अपने परिवार के साथ बात कर रहा है. वह कह रहा है कि जमादार 25 हजार रुपये मांग रहा है. कह रहा है कि जेलर व सुपरिटेंडेंट को देना है. नहीं दोगे, तो जान से मार देंगे. मेरा खाना जो कैंटीन व एक और जगह से आता था, वह बंद करवा दिया है. अॉडियो में उसने कई गंभीर आरोप लगाये हैं. हालांकि इस ऑडियो की पुष्टि प्रभात खबर नहीं कर रहा है.

निराधार आरोप है : जेलर :

दूसरी ओर इस मामले में तेनुघाट के जेलर नीरज कुमार ने दूरभाष पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि औरंगजेब अंसारी के परिजनों ने जो भी आरोप लगाये हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं. ऐसी कोई बात नहीं है. ऐसा जेल में नहीं होता है. जेल में नियमसंगत तरीके से बंदियों को रखा और उनके साथ व्यवहार किया जाता है. यह सब आरोप गलत और बेबुनिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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