बीआईटी सिंदरी के छात्रों ने दिव्यांगों के लिए बनाई अनोखी ट्राइसाइकिल, चोरी से बचाने के लिए पासवर्ड स्टार्ट डिवाइस
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Apr 2024 6:44 AM
बीआईटी सिंदरी के स्टूडेंट्स ने दिव्यांगों के लिए एक ऐसी अनोखी ट्राइसाइकिल बनाई है, जिसे कोई चोरी नहीं कर पाएगा. इसके लिए इसमें पासवर्ड स्टार्ट डिवाइस दी गई है.
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बीआइटी सिंदरी के अंतिम वर्ष के चार छात्रों रितेश, प्रियांशु मालवीय, तेज प्रकाश सिंह, तनवीर अंसारी और तृतीय वर्ष के एक छात्र शिवानंद मोदी ने मिल कर दिव्यांगों के लिए आधुनिक इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल बनायी है.
ट्राइसाइकिल बनाने वाले सभी इसीइ विभाग के छात्र
ये सभी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के छात्र हैं और विभाग के प्राध्यापक आदित्य कुमार की देखरेख में इसे पूरा किया है. एल्युमिनाई सेल द्वारा लगाये गये इनोवेशन एक्सपो में इस प्रोजेक्ट को 30 टीमों में बेस्ट फाइनल ईयर प्रोजेक्ट अवार्ड 2024 का खिताब मिला.
ट्राइसाइकिल की खूबियां
- 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार
- 24 वोल्ट की बैट्री को एक बार चार्ज करने पर 30 किलोमीटर का माइलेज
- बैट्री चार्ज करने के लिए सोलर और डायनेमो
- चलते समय स्वत: चार्ज होती रहेगी बैटरी
- चोरी से बचने के लिए पासवर्ड स्टार्ट डिवाइस
- मोबाइल चार्जर की सुविधा है ट्राइसाइकिल में
प्रोजेक्ट में इन लोगों ने दिए कुछ बदलाव के सुझाव
प्रोजेक्ट में संस्थान निदेशक प्रो पंकज राय सहित उद्योग विशेषज्ञों ने प्रोजेक्ट में कुछ बदलाव का सुझाव भी दिये. जानकारी देते हुए छात्रों ने बताया कि ट्राइसाइकिल नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित है.
25 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ सकती है ट्राइसाइकिल
यह 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है. इसमें लगे 24 वोल्ट की बैट्री को एक बार चार्ज करने पर 30 किलोमीटर तक की दूरी तय की जा सकती है. बैट्री को चार्ज करने के लिए लगे सोलर और डायनेमो के इस्तेमाल से चलायमान स्थिति में भी चार्ज होती रहेगी.
चोरी से बचने के लिए लगाया गया है पासवर्ड स्टार्ड डिवाइस
चोरी से बचने के लिए इसमें पासवर्ड स्टार्ट डिवाइस लगाया गया है और मोबाइल चार्जर की सुविधा भी दी गयी है. बताया कि विभागाध्यक्ष डॉ एमजी तिवारी और प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर डॉ प्रवीण साहू का भी इस प्रोजेक्ट में पूरा सहयोग मिला.
यह इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल किसके लिए बनाई गई है?
यह इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल मुख्यतः दिव्यांगों के लिए डिज़ाइन की गई है, ताकि उन्हें अधिक स्वतंत्रता और सुविधा मिल सके।
ट्राइसाइकिल की अधिकतम स्पीड क्या है?
इस ट्राइसाइकिल की अधिकतम स्पीड 25 किलोमीटर प्रति घंटा है।
बैटरी का चार्जिंग तरीका क्या है?
बैटरी को सोलर पैनल और डायनेमो के जरिए चार्ज किया जा सकता है। यह चलते समय भी स्वतः चार्ज होती रहती है।
क्या इस ट्राइसाइकिल में सुरक्षा के उपाय हैं?
हां, चोरी से बचने के लिए ट्राइसाइकिल में एक पासवर्ड स्टार्ट डिवाइस लगाया गया है।
इस ट्राइसाइकिल में और कौन-कौन सी सुविधाएँ हैं?
इसके अलावा, ट्राइसाइकिल में मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, जो उपयोगकर्ताओं को यात्रा के दौरान अपने उपकरण चार्ज करने की सुविधा देती है।
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