धनबाद : मुख्य सचिव के आदेश के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) व झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन (झासा) ने निर्णायक लड़ाई शुरू कर दी है.
गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के 26 डॉक्टरों ने आइएमए को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. इधर डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त ए दोड्डे को एक ज्ञापन सौंपा. इसके बाद सिविल सर्जन कार्यालय स्थित सभागार में मीटिंग आयोजित की गयी. अध्यक्षता झासा अध्यक्ष डॉ एके सिन्हा ने की. आइएमए सचिव सुशील कुमार ने बताया की सभी जिलों के चिकित्सक इस्तीफा संगठन को स्वेच्छा से सौंप रहे हैं. इस्तीफे की सामूहिक लिस्ट बनाकर 15 अक्तूबर को मुख्यमंत्री को सौंपा जायेगा. मीटिंग में डॉ कुमार गौतम, डॉ रेणू भारती, डॉ पुष्पा, डॉ बिजेंद्र कुमार, डॉ मनीष कुमार, डॉ इला गुप्ता, डॉ एसके गुप्ता, डॉ राजकुमार सिंह, डॉ एसएस लाल मौजूद थे.
28 से कार्य बहिष्कार : सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री से मिलने से पहले 28 से 30 तक डॉक्टर तीन दिनों तक कार्य बहिष्कार करेंगे. सरकार क निर्णय को वापस लेने की मांग करेंगे. सरकार निर्णय वापस नहीं करती है, तो इस्तीफा ले ले. उन्होंने बताया कि झासा धनबाद के सचिव डॉ आलोक विश्वकर्मा सात विभाग के प्रभार में हैं. इसके बाद प्रधान सचिव ने वीआरएस देने की नसीहत दी है. राज्य के कुछ सिविल सर्जन पर भी कारवाई की बात कही गयी है. कार्य बहिष्कार के तहत इमरजेंसी सेवा को बाधित नहीं किया जायेगा. मानवता को देखकर यह निर्णय लिया गया है. कहा कि डॉक्टरों की भारी कमी है, संसाधन नहीं है. पहले सरकार को इसे पूरा करना चाहिए.
